उत्तर प्रदेश राजनीति

बज गयी चुनाव रणभेरी, जानिए सभी जानकारियां यहाँ

अंततः वह समय आ ही गया जिसका भारतीय राजनीति को बहुत दिनों से इंतजार था। आज शाम 5 बजे चुनाव आयोग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 2019 लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस ऐलान के बाद से यह भी तय हो गया कि अब सभी राजनैतिक पार्टियों के रथ महायुद्ध के लिए तैयार हो जाएंगे और रणभेरी बजने के बाद अब अपने श्रेष्ठतम योद्धा को ले कर मैदान में उतरेंगे।

भारतीय राजनीति में चुनावों को लेकर एक अलग ही माहौल बना रहता है और हर चुनाव में हर प्रकार की राजनीतिक पार्टी अपना दम दिखाने के लिए मैदान में होती है। इस लिहाज से यह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है कि इलेक्शन कमिशन यानी चुनाव आयोग चुनावों की तारीखों को कब देता है। अब चूंकि तारीखें आ गयी हैं, अतः यह भी साफ है कि भारत 2019 की सबसे महत्वपूर्ण लड़ाई के लिए तैयार है।

पिछले कुछ वर्षों से राज्यों के चुनावों में जिस अफरा-तफरी को हमने देखा है, उसका उदाहरण शायद ही पिछले किसी राजनैतिक समय में हमें मिला हो। इंदिरा गांधी के समय भी इतनी अफरा तफरी चुनावों के लिए नहीं हुआ करती थी जितना आज मोदी के आने के बाद हो रही है।

इन चुनावों में 100% पोलिंग बूथ पर VVPAT का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे EVM पर सवाल उठाने वालों के मुंह पर भी ताला लग जायेगा। वैसे वह कब तक अपना मुंह बंद कर लेंगे, इसका कोई गारेंटी नहीं ली जा सकती है। चोर की दाढ़ी में तिनका तो होगा।

■ चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महत्वपूर्ण बातें –

◆ इस बार 7 चरण में चुनाव होंगे
◆ रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर इस्तेमाल पर रोक
◆ लोकसभा चुनावों के लिए अभी से अचार संहिता लागू
◆ EVM पर इस बार उम्मीदवारों की तस्वीर होगी
◆ 590 पर फोन कर और SMS के जरिए वोटर, वोटिंग लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं
◆ इस चुनाव में 90 करोड़ लोग अपना मत डालेंगे
◆ सभी संवेदनशील इलाकों में CRPF की तैनाती होगी
◆ सभी संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे और वेबकास्टिंग होगी
◆ EVM की GPS ट्रैकिंग भी की जाएगी
◆ मतदान से 48 घण्टे पहले लाउडस्पीकर्स पर प्रतिबंध
◆ लोकसभा चुनावों के लिए हेल्पलाइन नंबर – 1950
◆ इस बार 8.4 करोड़ नए मतदाता जुड़े हैं
◆ चुनाव आयोग ने शिकायत हेतु लोकसभा चुनावों के लिए एप बनाया है
◆ आपराधिक मुकदमों की जानकारी हर उम्मीदवार को देनी होगी
◆ हर उम्मीदवार को अपने सोशल मीडिया एकाउंट की जानकारी देगा
◆ सोशल मीडिया पर प्रचार करने के पहले भी राजनीतिक पार्टियों को इजाजत लेनी होगी
◆ साथ ही सोशल मीडिया पर प्रचार का खर्च भी चुनाव के खर्च में जुड़ेगा
◆ फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब पर राजनीतिक विज्ञापन की जानकारी रखी जाएगी
◆ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने शिकायत अधिकारी नियुक्त किया जाएगा
◆ पहचान पत्र के लिए 11 विकल्प रखे गए हैं

किस चरण में होंगे किन राज्यों के चुनाव –

चुनावों के चरण और उनको जानकारियां इस प्रकार है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *