शहर की तमाम मुख्य सड़कों पर सुगम यातायात व्यवस्था के लिए नासूर बन चुके ई-रिक्शा कभी भी आपके लिए हादसे का सबब बन सकते हैं..

  • बिना रजिस्ट्रेशन और फिटनेस के कारण सडकों पर छायें

महोबा शहर की यातायात व्यवस्था के लिए नासूर बन चुके अवैध ई-रिक्शा के खिलाफ प्रशासन और पुलिस का संयुक्त अभियान कब शुरू होगा ?

शहर की तमाम मुख्य सड़कों पर सुगम यातायात व्यवस्था के लिए नासूर बन चुके ई-रिक्शा कभी भी आपके लिए हादसे का सबब बन सकते हैं। लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग की नाकाम कार्यप्रणाली इनके लिए ‘वरदान’ बनी हुई है।

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झुंड बनाकर सड़क के बीचोंबीच तमाम नियम-कायदों को तोड़कर दौड़ने वाले ई-रिक्शा संचालकों को दूसरे वाहनों की परवाह नहीं होती। चाहे किसी की कार में साइड से टक्कर लगे या उनके पीछे जाम लग जाए।

 ई-रिक्शा (E-rickshaw)

बिना इशारा दिए सड़क पर यू-टर्न लेना और कहीं भी रिक्शा घुमा देना, ई-रिक्शा चालकों की आदत बन गई है। कोई कार या दोपहिया चालक इनसे उलझ जाए तो उसकी खैर नहीं रहती। इनका ‘कुनबा’ मारपीट पर उतारू रहता है। 

प्रशासन कब इनका संचालन तय नियमों के अनुसार करा पाएगा, यह अब बड़ा सवाल बन चुका है ?

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 ई-रिक्शा (E-rickshaw)





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