झांसी मंडल यात्री सुविधाओं में निरंतर विकास के साथ-साथ डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहा है..

झांसी मंडल यात्री सुविधाओं में निरंतर विकास के साथ-साथ डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहा है। मंडल के बुकिंग, पार्सल बुकिंग व आरक्षण कार्यालय में अनारक्षित तथा आरक्षित टिकट की बुकिंग हेतु डिजिटल लेनदेन की शुरुवात तो पहले ही की जा चुकी है। 

मंडल के झांसी और ग्वालियर पार्सल कार्यालय में पार्सल बुकिंग प्रक्रिया का डिजिटलाइजेशन किया गया है। पार्सल कार्यालय में पारंपरिक (हाथों से लिखे गए) मार्का के स्थान पर बार कोड स्टीकर का प्रयोग शुरू किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें – रैगिंग के मामले में 4 लड़कियों को पांच-पांच साल की कैद

नए प्रकार के बारकोड स्टीकर में सभी आवश्यक सूचना जैसे कहां से, कहां तक, बुकिंग की तिथि, माल का वजन आदि कोडेड रहती हैं, जो कि पार्सल कार्यालय में उपलब्ध हैण्ड हेल्ड टर्मिनल द्वारा त्वरित फैच व डीकोड कर ली जाती है। 

पार्सल कार्यालय में हैण्ड हेल्ड टर्मिनल तथा बारकोड स्टीकर के इस्तेमाल से पार्सल की मिसहैंडलिंग, अनकनेक्टेड होना तथा गुम होने की संभावना न के बराबर हो जाती है।

यह भी पढ़ें – नोएडा में हैंडीक्राफ्ट और ट्वॉय इंडस्ट्री का बिजनेस करने वालों को सुनहरा मौका, पढ़ें पूरी खबर 

बढ़ते हुए आधुनिकीकरण के क्रम में यात्री गाड़ियों में चल रहे टिकट निरीक्षकों को एचएचटी हैण्ड हेल्ड टर्मिनल प्रदान किये गए हैं। जिसमें यात्री का यात्रा ब्यौरा उपलब्ध होता है। 

यात्री के अनुपस्थिति में आगामी स्टेशन को इस डिजिटल माध्यम से खाली सीटों की सूचना प्राप्त हो जाती है, जो कि आगामी स्टेशन पर पुनः बुक की जा सकती है।

इसके अतिरिक्त मंडल में उपलब्ध कैटरिंग इकाइयों पर भी पीओएस मशीन रखे जाने के निर्देश दिये जा रहे हैं, जिससे यात्री भी डिजिटल माध्यम का प्रयोग कर सकें।

यह भी पढ़ें – इसी माह होने वाले बुंदेलखंड एडवेंचर फेस्ट कई पर्यटन स्थलों से रूबरू होने का मौका

khelo aor jeeto | bundelkhand news quiz | lucky draw contest

हि.स





Source link

0Shares

ताज़ा ख़बरें

%d bloggers like this: