उत्तर प्रदेश जालौन

1 अरब रूपया लेकर 2 चिट कंपनियां हुई रफूचक्कर।

निवेश करने वाले हुए कंगाल

✓दुगने धन के चक्कर में लोग करोड़ो के कर्ज में

मुख्यालय रजिस्ट्री आफिस के सामने सहज व झांसी रोड के पास सांई कृपा कंपनी का था कार्यालय

उरई।(जालौन):- दुगुने धन के चक्कर में लोगो ने अपनी गाढ़ी कमाई चिटफंड कंपनियों के हवाले कर दी और उनकी लचीली बातों में आकर मकान, जेवर और खेती आदि लगा दी दांव पर। लगभग 1 अरब रूपया लेकर यह कंपनियां हुई रफूचक्कर। निवेशको ने जो धन लगाया था अब उसकी वापसी की वों कंपनी के एजेंटो से गुहार लगा रहें है परंतु कहीं कोई सार्थक उत्तर नहीं मिल पा रहा है जो मुख्य कर्ताधर्ता थे वों जनपद छोडक़र अन्य स्थानो पर चलें गए है जिनको ढूंढना संभव नहीं हो पा रहा है।
मिलीं जानकारी के अनुसार सहज कोआपरेटिव सोसायटी व सांई कृपा के आफिस जनपद के विभिन्न विभिन्न क्षेत्रो में स्थापित थे। एजेंट धन दुगुना कराने के चक्कर में आम लोगो का पैसा इसमें लगवा देते थे ताकि जल्द ही वों अमीर बन जायें। इन चिटफंड कंपनियों के न तो ईडी में रजिस्ट्रेशन थे और न हीं प्रशासन के पास इन कंपनियों के कोई लेखा जोखा मौजूद थे। लोगो को गुमराह करके इन्होंने सिर्फ अपना काम बनवाया और चलते बने। सहज कोआपरेटिव सोसायटी जो कि अजब सिंह नाम से एक व्यक्ति संचालित करता था और उसने लगभग 50 करोड रूपए विभिन्न विभिन्न माध्यमों से इसमें लोगो के जमा कराए। कईयों के मैच्योरिटी पूरी हो गई उनको पैसा नहीं मिला। इस तरह के एक नहीं अनेक उदाहरण है कई सेवानिवृत्त फौजी भी जो अपनी सारी नौकरी की कमाई को इस कंपनी में लगा बैठे, अब वों इतने कंगाल हो गए कि उनके पास तन ढकने के लिए कपडे नहीं बचे और पेट भरने के लिए भोजन नहीं है। विगत कई वर्षो से कंपनियों का फर्जीबाड़ा लगातार जनपद में सक्रिय रहा है। आधा दर्जन से अधिक कंपनियां पहले ही भाग चुकीं है। जिनके प्रबंधक आज भी जेल की काल कोठरी में बंद है, परंतु किसी का भी पैसा नहीं मिला है। इसी तरह से ये दो नई कंपनियां साई कृपा व सहज सोसायटी इसमें कुछ सरकारी टीचर भी है जो नौकरी की आड़ में यह गोरखधंधा कर रहें थे अब जिनका पैसा एजेंटो के माध्यमो से लगा हुआ है वों अपने पैसे की वापिसी की मांग करते है उनको उल्टा सीधा जबाब देकर यह निवेशक चलता कर देते है। हालां कि सांई कृपा की प्राथमिकी दो दिन पहले उरई कोतवाली में दर्ज हुई है और उसकी जांच पड़ताल प्रारंभ हो गई है। अभी भी कई निवेशक ऐसे है जिन्होने साई कृपा में अपना पैसा लगाया था अब वों पैसा इनका डूबता नजर आ रहा है। सौ करोड रूपए लेकर भागी कंपनियों में दर्जनो एजेंट कार्य कर रहे थे। सैकडो की संख्या में निवेशको ने अपना पैसा लगाया था और जो इसके कर्ताधर्ता थे वों निवेशको के पैसो से करोड़पति हो गए और मौंका पाते ही रफूचक्कर हो लिए। आज स्थिति यह है कि निवेशक कंपनियों के कर्ता धर्ताओं के घरो के चक्कर लगा रहें है उनके घरो में ताला जडा मिलता या फिर एक जबाब दिया जाता कि घर पर नहीं है। इस तरह के जबाबों से समस्या विकराल होती जा रहीं है और जो निवेशको के लिए भारी पड़ रहीं है। जबकि जितेन्द्र पटेल पुत्र सुरेश पटेल निवासी रघुवीर धाम झांसी रोड उरई, श्यामजी कुशवाहा निवासी सहावनाका जालौन, रंजीत प्रजापति पुत्र लल्लूराम निवासी राजेन्द्र नगर उरई, हेमंत सागर पुत्र नारायणदास निवासी रवीदास मंदिर के पास झांसी रोड उरई के विरूद्व पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। जिसकी जांच शुरू कर दी गई

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