अयोध्या-चंद्र ग्रहण के कारण बंद हनुमानगढ़ी मंदिर का पट।

अयोध्या-चंद्र ग्रहण के कारण बंद हनुमानगढ़ी मंदिर का पट।
– फोटो : FAIZABAD

ख़बर सुनें

अयोध्या। कार्तिक पूर्णिमा पर साल के आखिरी चंद्रग्रहण पर रामनगरी में हजारों भक्तों ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई। सूतक के चलते 10 घंटे तक रामनगरी के मठ-मंदिर बंद रहे।
जिसके चलते भक्त मंदिरों की चौखट पर ही माथा टेक अपने गंतव्य को रवाना हो गए, जबकि बड़ी संख्या में भक्त चंद्रग्रहण के मोक्ष का इंतजार करते रहे। सूतक समाप्त होते ही भक्तों ने सरयू में डुबकी लगाई।
ग्रहण के दौरान मंदिरों में भजन-कीर्तन कर मोक्ष के लिए जतन किए जाते रहे तो मस्जिदों में नमाज-ए-आयात पढ़ी गई। कार्तिक पूर्णिमा पर पहली बार ग्रहण का साया रहा। चंद्रग्रहण मंगलवार शाम 5:10 बजे लगा।
इसके नौ घंटे पहले ही सुबह 8:10 बजे सुबह से ही सूतक लगने की वजह से शुभ कार्य स्थगित हो गए। इसी के साथ मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। ग्रहण का मोक्ष 6:20 बजे शाम को हुआ, इसके बाद ही रामनगरी के मठ-मंदिरों के कपाट खुले।
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पदाधिकारी मो.आजम कादरी ने बताया कि शाम को ग्रहण का मोक्ष होने के बाद शहर की मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजी जुटे और नमाज-ए-आयात पढ़कर मुल्क की सलामती और कष्ट से निजात पाने की दुआ की। घरों में भी लोगों ने नमाज-ए-आयात पढ़कर अमन चेन की दुआ मांगी।

अयोध्या। कार्तिक पूर्णिमा पर साल के आखिरी चंद्रग्रहण पर रामनगरी में हजारों भक्तों ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई। सूतक के चलते 10 घंटे तक रामनगरी के मठ-मंदिर बंद रहे।

जिसके चलते भक्त मंदिरों की चौखट पर ही माथा टेक अपने गंतव्य को रवाना हो गए, जबकि बड़ी संख्या में भक्त चंद्रग्रहण के मोक्ष का इंतजार करते रहे। सूतक समाप्त होते ही भक्तों ने सरयू में डुबकी लगाई।

ग्रहण के दौरान मंदिरों में भजन-कीर्तन कर मोक्ष के लिए जतन किए जाते रहे तो मस्जिदों में नमाज-ए-आयात पढ़ी गई। कार्तिक पूर्णिमा पर पहली बार ग्रहण का साया रहा। चंद्रग्रहण मंगलवार शाम 5:10 बजे लगा।

इसके नौ घंटे पहले ही सुबह 8:10 बजे सुबह से ही सूतक लगने की वजह से शुभ कार्य स्थगित हो गए। इसी के साथ मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। ग्रहण का मोक्ष 6:20 बजे शाम को हुआ, इसके बाद ही रामनगरी के मठ-मंदिरों के कपाट खुले।

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पदाधिकारी मो.आजम कादरी ने बताया कि शाम को ग्रहण का मोक्ष होने के बाद शहर की मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजी जुटे और नमाज-ए-आयात पढ़कर मुल्क की सलामती और कष्ट से निजात पाने की दुआ की। घरों में भी लोगों ने नमाज-ए-आयात पढ़कर अमन चेन की दुआ मांगी।





Source link

0Shares

ताज़ा ख़बरें

%d bloggers like this: