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मुसाफिरखाना (संवाद)। डेंगू के साथ अब जापानीज इंसेफ्लाइटिस (दिमागी बुखार) ने भी दस्तक दे दी है। लखनऊ स्थित किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में भर्ती सादीपुर गांव की बारह वर्षीय एक बच्ची में जापानी इंसेफ्लाइटिस की पुष्टि हुई है। मेडिकल कॉलेज से इसकी सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की एक टीम शनिवार को गांव पहुंची और लोगों के स्वास्थ्य की जांच की।
सादीपुर निवासी ननकऊ की 12 वर्षीय पुत्री मोनी पिछले कई दिनों से बीमार चल रही थी। ठीक न होने पर परिवार के लोग उसेे इलाज कराने के लिए लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी ले गए थे। केजीएमयू में जांच के दौरान उसमें जेई की पुष्टि हुई। बच्ची ठीक होकर घर भी आ गई। केजीएमयू द्वारा इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी गई थी।
सूचना के आधार पर सीएचसी मुसाफिरखाना के प्रभारी अधीक्षक डॉ. आलोक मिश्र के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार को सादीपुर पहुंची। टीम ने सभी की जांच की। डॉ. मिश्र ने बताया कि उनकी टीम द्वारा सादीपुर के साथ ही गाजनपुर, सरैया सबलशाह और नेवादा में भी जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान डेंगू या जेई का कोई नया केस नहीं पाया गया। पूर्व में जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। उनकी स्थिति अब सामान्य हो गई है। गांव में कुछ दिनों पूर्व कुछ सुअरों के एक साथ मरने की जानकारी भी ग्रामीणों ने दी जिसके संबंध में पशु चिकित्सा विभाग को अवगत कराया गया है।

मुसाफिरखाना (संवाद)। डेंगू के साथ अब जापानीज इंसेफ्लाइटिस (दिमागी बुखार) ने भी दस्तक दे दी है। लखनऊ स्थित किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में भर्ती सादीपुर गांव की बारह वर्षीय एक बच्ची में जापानी इंसेफ्लाइटिस की पुष्टि हुई है। मेडिकल कॉलेज से इसकी सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की एक टीम शनिवार को गांव पहुंची और लोगों के स्वास्थ्य की जांच की।

सादीपुर निवासी ननकऊ की 12 वर्षीय पुत्री मोनी पिछले कई दिनों से बीमार चल रही थी। ठीक न होने पर परिवार के लोग उसेे इलाज कराने के लिए लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी ले गए थे। केजीएमयू में जांच के दौरान उसमें जेई की पुष्टि हुई। बच्ची ठीक होकर घर भी आ गई। केजीएमयू द्वारा इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी गई थी।

सूचना के आधार पर सीएचसी मुसाफिरखाना के प्रभारी अधीक्षक डॉ. आलोक मिश्र के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार को सादीपुर पहुंची। टीम ने सभी की जांच की। डॉ. मिश्र ने बताया कि उनकी टीम द्वारा सादीपुर के साथ ही गाजनपुर, सरैया सबलशाह और नेवादा में भी जांच अभियान चलाया।

जांच के दौरान डेंगू या जेई का कोई नया केस नहीं पाया गया। पूर्व में जिन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। उनकी स्थिति अब सामान्य हो गई है। गांव में कुछ दिनों पूर्व कुछ सुअरों के एक साथ मरने की जानकारी भी ग्रामीणों ने दी जिसके संबंध में पशु चिकित्सा विभाग को अवगत कराया गया है।





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