अल मदीना, अल मदीना-चल मदीना पढते हुए शहर रवाना हुआ हाजिओं का जत्था

उरई (जालौन)(गोविंद सिंह दाऊ):- । अल मदीना, अल मदीना, चल मदीना, सल्ले अला पढते हुए, जिक्रे नबी करते हूए, नामे मोहम्मद लेते हुये, चलो चले मदीना, नूरे हक की हर तरफ बरसात होती है, क्रूफ रखी की सभी को मात होती है।जर्रा-जर्रा मुआउअर शहरे तैबा का दिन ही रहता है वहां जब रात होती है, जा रहे है हाजिओं के दल मदीना, अल मदीना, चल मदीना, नात पाक गुनगुनाते हुए हाजी हुए शहर शहर से हज के लिए रवाना हुए।
बता दें कि शुक्रवार को शहर से हाजिओं का दल रवाना हुआ, जिन्हें शहर के लोगों ने गले मिलकर दुआ करने की बात कहीं।सभी लोगों को हाजिओं ने भी आश्वासन दिया कि वह हज के दौरान अपने मुल्क की सलामती के साथ साथ लोगों के लिए भी दुआ करेंगे। शहर के मुहल्ला तिलक नगर से बिजली विभाग में तैनात शफीक खान तथा उनकी बेगम तथा मुहम्मदाबाद से असलम हुसैन, सज्जाद हुसैन और उनकी पत्नी हाजरा बेगम हज के लिए रवाना हुये।जिन्हें शहर के प्रमुख रूप से समाजसेवी यूसुफ अंसारी, हलीम अंसारी, सपा नेता शफीकुर्रहमान कशपी, आसिफ खान, जाबिद ने गले मिलकर मुल्क की सलामती के लिए दुआ करने की बात कहीं।जिस पर हज के लिए जा रहे शफीक खान ने कहा कि वह खाने काबा एवं शहरे मदीना की गलियों में पहुंच कर मुल्क सलामती के साथ-साथ सभी लोगों के लिए दुआयें मांगेंगे। हज के लिए जा रहे हाजिओं से लोगों ने गले मिलकर मुबारक बाद दी।

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