० खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौन

० छापामारी के नाम पर कर ली जाती खानापूर्ति

उरई (जालौन)(.गोविंद सिंह दाऊ):- ।जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी की मिली भगत से शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री दुकानदारों द्वारा धडल्ले के साथ की जा रही है जिसका सेवन करने से जाने कितने लोग बीमार होकर जिला अस्पताल में उपचार करवाने तक आ रहे है। विभाग के अधिकारियों द्वारा जब भी छापामार कार्यवाही की जाती है तो वह भी खानापूर्ति कर इतिश्री कर दी जाती है। जिसके एवज में विभाग के जिम्मेदार लोगों के पास तयसुदा शुल्क पहुंचता रहता है यहीं बजह कि मिलावट खोरों के दिनों-दिन हौंसले बुलंद होते जा रहे है।
जिला खाद्य सुरक्षा विभाग की मिली भगत के चलते जनपद मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री जोरों पर की जा रही है। बारिश और गर्मी के मौसम में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कटे व सडे-गले फल, दूषित पेयपदार्थ, मिलावटी दूध, खोया, देशी घी की बिक्री होते हुए देखी जा सकती है।जिसका सेवन करने से लोग तरह-तरह की बीमारियों के शिकार होते जा रहे है।जबकि दूषित और मिलावट खोरों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्यवाही किये जाने के निर्देश जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर द्वारा समय-समय पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग दिये जाते रहे जिसका असर न के बराबर ही दिखाई दिया और अभियान समाप्त होते ही मिलावट खोर फिर से सक्रिय दिखाई देने लगे है। बताते चले कि शहर के विभिन्न हिस्सों में सडी-गली सुपाडी के साथ केमिकल मिलाकर गुटखा का निर्माण धडल्ले के साथ किया जा रहा है जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी है।इस फैक्ट्री में विभाग द्वारा छापेमारी तो की गयीं मगर जांच के नाम पर कुछ नहीं मिला और खाली हाथ लौटना पडा।आज तक किसी भी गुटखा संचालक के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही अमल में नहीं लायी जा सकी है।

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