कई सवालो के जवाव नए वर्ष में भी रहेंगे चर्चा में

इटावा (आशुतोष दुबे) ।गुजरा वर्ष 2018 जनपद के लिए रक्त रंजित वर्ष कहा जाए तो अतिसंयोक्ति नहीं होगी । बीते वर्ष जनपद में 965 लोग मौत के मुंह में समा गए इसमें सर्वाधिक मौतें मार्ग दुर्घटनाओं में हुई। वर्ष 18 में घटित 411 सड़क दुर्घटनाओं में 448 लोगों की जानें गई तो 63 हत्या एवं 42 दहेज हत्या तथा 212 आत्महत्या की घटनाएं घटित हुई । सरकारी आंकड़ों के आधार पर कुल 965 लोगों की आकस्मिक जाने गई यही नहीं जनपद में 174 लूट 449 चोरी 394 बाइक चोरी 52 बड़े वाहनों की चोरी तथा 41 दुष्कर्म की घटनाएं पंजीकृत हुई। यह घटनाएं सरकारी रिकॉर्ड में अंकित हैं। वर्ष में कुछ ऐसी घटनाएं भी हैं जिनका राज फास होने के बाद भी आज तक पहेली बनी हुई है। बीते वर्ष का कार्यकाल 2 एस एस पी वैभव कृष्ण एवं अशोक कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में बीता।
वर्ष 2018 के प्रथम माह जनवरी में 36 एक्सीडेंट हुए जिनमें 43 लोगों की जानें गई एक हत्या 20 लूट 64 चोरियां 45 मोटरसाइकिल तथा 5 बड़े वाहन चोरी गए तो 5 दहेज हत्या एवम 9 लोगों द्वारा आत्महत्या तथा 18 लोगों की हादसे में मौत 5 के साथ दुष्कर्म तो फरवरी माह में 41 एक्सीडेंट में 41 लोगों की जान गई ,11 लूट 42 चोरी 41 वाइके चोरी 5 बड़े वाहन चोरी किसान द्वारा आत्महत्या 15 हादसे और दो के साथ दुष्कर्म तो मार्च में 40 एक्सीडेंट 47 की मौत 27 लूट 5 मर्डर 32 चोरी 39 बाइक चोरी और 3 बड़े वाहन चोरी गए तीन दहेज हत्या तथा 15 आत्महत्या एवं 26 लोगों की हादसे में मौत 7के साथ दुष्कर्म अप्रैल में 43 एक्सीडेंट 45 की मौत दो हत्याएं 11 लूट 25 चोरी 27 मोटरसाइकिल चोरी तथा तीन बड़े वाहन चोरी गए 23 दहेज हत्या अभी हुई 19 लोगों ने आत्महत्या की 36 लोगों की हादसे में मृत्यु तथा 5 के साथ दुष्कर्म । मई के महीने में 27 एक्सीडेंट 30 की मौत 6 हत्याएं 15लूट एक अपहरण 29 चोरिया 39 बाइक के चोरी चार बड़े वाहन चोरी दो दहेज हत्या व 27 आत्महत्या एवं 49 हादसों में मृत्यु तथा तीन के साथ दुष्कर्म । जून के महीने में 37 एक्सीडेंट 88 लोगों की मौत 8 हत्याएं 16 लूट 32 चोरी 2 अपहरण 42 बाइक चोरी 3 बड़े वाहन चोरी दो दहेज हत्याए 17 आत्महत्या 4 दुष्कर्म की घटनाएं दर्ज हुई। जुलाई के महीने में 36 एक्सीडेंट 37 की मौत 6 हत्याएं 20 लूट 36 चोरी 40 बाइक चोरी नो बड़े वाहन चोरी 4 दहेज हत्याएं,21 आत्महत्याएं, 49 हादसे व दो दुष्कर्म की घटनाएं जबकि अगस्त माह में दुर्घटनाओं में 35 की मौत 7 हत्याये, 14 लूट 36 चोरी एक अपहरण 38 बाइक चोरी 3 बड़े वाहन चोरी 5दहेज हत्याएं 13 आत्महत्या 43 हादसे दो दुष्कर्म तो सितंबर में 28 दुर्घटनाओं में ईतने ही लोगों की मौत 6 हत्याएं 6 लूट 47 चोरी एक अपहरण 18 बाइक चोरी एक चार पहिया वाहन चोरी 6 दहेज हत्या 22 आत्महत्या 6 के साथ दुष्कर्म 48 हादसे, अक्टूबर में 31 दुर्घटनाओं में 39 की मौत पांच हत्याएं 15 लूट 29 चोरी 31 बाइक चोरी 7 बड़े वाहन चोरी 19 आत्महत्या 31 हादसे तथा तीन दुष्कर्म, नवंबर में 33 हादसे 35 की मौत पांच हत्याएं 10 लूट 32 चोरी 20 बाइक चोरी दो बड़े वाहन चोरी एक दहेज हत्या तथा 13 आत्महत्याए 31 हादसे दो के साथ दुष्कर्म दिसवंबर में 27 एक्सीडेंट 30 की मौत पांच हत्याएं नो लूट 43 चोरियां 1अपहरण 15 बाइक चोरी 7 बड़े वाहन चोरी 16 आत्महत्या 10 हादसे 4दहेज़हत्याये।
इस तरह बीता वर्ष जहां मौतों के दुख भरी दास्तान लेकर आया वहीं कुछ अनसुलझे पहलू भी छोड़ गया जो खाकी पर सवालिया निशान भी लगा रहे हैं। जनवरी माह में ही कोकपुरा में एक युवक की हत्या में क्राइम ब्रांच का नाम उछला तो राहतपुरा स्थित कांसीराम कॉलोनी में चार हत्यायों में हुई कार्यवाही भी सवालिया निशान खड़े करती रही तो कोकपुरा में ओमी की हत्या भी एक सवालो की भेंट चढ़ी ऐसे कई मामले भी हैं जिनका खुलासा होने के बाद भी लोग पूरी तरह यकीन नहीं कर पाए।

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