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कोरोना की जंग तो जीत सकते है गीदनकी खोड़ निवासी, मगर समस्याओं से आज भी घिरे है


प्रशासन की लापरवाही से समस्याओं से जूझ रहे गीदनकी खोड़ के वाशिंदे
उरई। जनपद जालौन के रामपुरा थाना क्षेत्र की बीहड़ पट्टी के घनघोर जंगल में स्थित ग्राम पंचायत असहना का मजरा गीदनकी खोड में रहने वाले भीषण पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। रामस्वरूप के दरवाजे पर लगा नल उसका पानी नहीं देता है समरथ सिंह एवं विजय सिंह के दरवाजे पर लगा हुआ कुआं जीर्णसीर्ण है उसका पानी मचैला गंदा तथा काई ऊपर आ रही है। इसी प्रकार रामसनेही के दरवाजे पर लगा नल सफेद हाथी साबित हो रहा है जगत सिंह के दरवाजे पर बनी नाली चोक होने के कारण सड़क पर गंदा और कींचड़ युक्त पानी आ गया है जिसकी सफाई ना होने के कारण गंदा नाला उफन देने लगा है तथा इसी नाला के पानी से लोग नहाते वर्तमान प्रधान बन्नाम सिंह पाल ने संवाददाताओं को बताया कि ऐसी भीषण गर्मी में कोरोना जैसी बीमारी से तो हमारा गॉव जीत गया मगर पानी की समस्या से हमारा गांव हार रहा है प्राथमिक पाठशाला के सामने एक लाल लड़ेता कुआं से पूरा गांव की बहने माताएं बच्चियां रस्सी डालकर खींचकर पानी लाती है पूर्व प्रधान ज्ञान सिंह पाल कहते हैं कि जब कोई मेहमान आता है तो घर की महिलाएं अंदर-अंदर मन मारकर कोसती हैं क्योंकि घर पर एक मटका एक बाल्टी पानी है जिससे घर का काम का चलेगा या आटा माडूगी या फिर आने वाले आगंतुकों को पिलाऊंगी ऐसी स्थिति में टंकी का निर्माण की फाइल स्वीकृत करवाई थी जो कि आज भी फाइलों में कैद है सूपा नुनायचा रोड संपर्क मार्ग 3 किलो मीटर गड्ढों में तब्दील एवं कच्चा मार्ग मौत को दावत दे रहा है जब मीडिया टीम पहुंची तो पूरे गांव ने घेर लिया कहा कि क्या होता है पेपर में छपने से इतने प्रार्थना पत्र दे चुके हैं जिससे सरकारी कर्मचारी 1 माह तक की चाय बनाकर पी सकते हैं पानी की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।बताते चले कि रामस्वरूप के दरवाजे पर लगा नल पानी नहीं देता है रामसनेही पाल के दरवाजे पर लगा चालू है लेकिन पानी कड़वा है तथा नल की स्थिति इतनी दयनीय है कि चलने लायक नहीं है राम भरोसे चल रहा है खराब एक गांव में एक ही चालू हालत में है जो कि 5 या 6 दिन में खराब हो जाता है लगभग 700 मीटर तक उस नल से पानी की सप्लाई होती है विज़य सिंह के दरवाजे पर कूप खराब हो चुका है उसकी सफाई नहीं होती उसकी जगत कि जमीनी लेवल में फूट-फूटकर मिल चुकी है ना तो कूुप की सफाई हुई है ना ही उसका उगार
कोरोना शासन की मंशा अनुरूप प्रत्येक गांव में मास्क सैनिटाइजर पर्याप्त मात्रा में उपस्थित करा दिए गए थे लेकिन गांव के किसी भी व्यक्ति को नहीं दिए गए पूर्व प्रधान ज्ञान सिंह पालने का
सफाई की व्यवस्था गांव में सफाई कभी सफाई कर्मी कभी आता ही नहीं है जिससे गांव की नालियां तथा गांव में निकला नाला गंदगी एवं बदबू से परिपूर्ण हो जाता है तथा मनोज के घर से निकला नाला तक बनी नाली 2 वर्ष में एक बार साफ की जाती है अखिलेश, विनोद जय श्रीराम के दरवाजे से निकला नाला गीदन तक जो कि हमेशा गंदगी से परिपूर्ण रहता है बारस आती है तो साफ हो जाता अन्यथा कोई सफाई कर्मी साफ करने नहीं आता है।

सड़क की समस्या
लगभग 25 सौ की आबादी वाले ग्राम पंचायत का कुछ भाग मजरा गीदन की खोडमे लगभग 3 किलोमीटर तक का रास्ता है थोडा भी पानी बरसा तो गॉव का सम्पर्क टूट जाता हैतथा गड्ढों में तब्दील जीर्ण शीर्ण स्थिति वाला रोड मौत को दावत दे रहा है कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है हर रोज एक या दो बाईके फिसल कर गिर जाती हैं और लोग चोटिल हो जाते है
स्वास्थ्य की समस्या
गांव का एक भी व्यक्ति बीमार हो गया तो बाईक से जाता है डिलीवरी जैसी भयंकर समस्या में थोड़ा पानी बरसा तो गांव का संपर्क टूट जाता है और रास्ते में ही डिलीवरी हो जाती है जिसके कारण काफी ग्रामीण डिलीवरी जैसी समस्या को तवज्जो नहीं देते हैं 50 परसेंट लोग घरों में ही डिलीवरी करवा लेते हैं गंभीर बीमारी होने पर लोग बारिश के सीजन में अस्पताल जाने से कतराते हैं
टंकी की मांग
कर रहे हैं अगर टंकी का निर्माण ना हुआ तो गांव के लोगों का जीवन अधर में है तथा लोग पानी की समस्या से जूझते रहेंगे
और गांव में पानी की पूर्ति
नहीं होगी
सफाई ना होने के कारण जगत सिंह के दरवाजे पर नाली का पानी रोड पर आ जाता है और सड़क तालाब का रूप धारण कर लेती है कई बार लिखित एवं मौखिक सूचना देने के बाद भी उसकी सफाई नहीं होती है ग्रामीणों को निकलने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है इस मौके पर रामशरण श्री कृष्ण चंद्रशेखर चतुर सिंह मोहर सिंह लल्लूराम जनवेद रामनरेश रमेश रविंद्र पप्पू रामलाल रामबली नेता आदि लोग मौजूद रहे

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