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चौराहा पर कट रहे चालान फिर नहीं कर रहे नियमों का पालन


मास्क और हेलमिट को वाहन चालक नहीं दे रहे तरजीह
० सोशल डिस्टेसिंग को भी बना रखा मजाक

उरई (जालौन)।(गोविंद सिंह दाऊ):-। कोरोना महामारी कोविड-19 ने राज्य व देश के साथ ही पूरे विश्व में जिस तरह से तबाही मचा रखी है। उसको देखते हुए शासन और प्रशासन तो कड़ा दिख रहा है वहीं स्वास्थ्य संस्थान इस बात की चेतावनी भी दे रहा है कि इस वायरस से बचाव ही इसकी दबा है। क्योंकि अभी इसकी वैक्सीन नहीं बनी है। तब भी लोग इस वायरस को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे है।ग्रामीण क्षेत्र से लोग शहर की ओर ब्यापार से सम्बंधित वस्तुओं से लेकर अन्य कार्य को पूरा करने के लिए बाजार तो आ रहे हैं।लेकिन कोरोना वायरस के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे है साथ ही नियमों का पालन भी नहीं कर रहे है। सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां तो उड़ा ही रहे है साथ मास्क का प्रयोग भी नहीं कर रहे है। जिसकी बजह से छोटी-छोटी लापरवाही कहीं ना कहीं सभी के लिए एक बड़ी समस्या को दावत दे रही है। जैसा कि आप सभी को ज्ञात होगा कि पूरे देश भर में कोरोना महामारी वायरस ने तबाही मचा रखी है। जिससे संक्रमित मरीजों की संख्या आज लाखों में जा पहुंची है तथा मरने वाल़ों का आकड़ा भी हजारों में पहुंच गया है। जिससे बचाव के लिए शासन और प्रशासन कड़ी मेहनत युद्ध स्तर पर कर रहा है और लाँक डाउन भी लगाया गया ताकि लोग एक दूसरे के सम्पर्क में ना आ सके और वायरस की कड़ी को तोड़ा जा सके। यह वायरस एक दूसरे के सम्पर्क में आने से बहुत तेजगति से फैलता चला जा रहा है। सबसे बड़ी बात सारे विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने कह रखी है कि अभी तक इस वायरस की वैक्सीन नहीं बनी है और कब तक बनेगी यह भी नहीं कहा जा सकता है इसको बनाने में कम से कम एक साल का समय लग सकता है। विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की इस चेतावनी ने विश्व भर के स्वास्थ्य संगठनों को हिलाकर रख दिया है और सभी सेवाएं एकदम से धड़ाम होने को आ गयी है। क्योंकि मरीजों की संख्या पूरे विश्व भर में करोड़ों के हिसाब में है। वहीं अगर देखा जाये तो जनपद जालौन में भी कोरोना वायरस से कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 44 तक पहुंच गयी है जिनमें 39 सही भी हो चुके है तथा दो मौत हो चुकी है तथा तीन संक्रमित मरीज है जिनका उपचार चल रहा है। प्रशासन के कड़े प्रयास और जनता के जागरूक होने के कारण लगभग तब भी दो माह में जनपद की स्थिति में काफी सुधार है लेकिन अब सवाल उठता है कि इतना सुधार होने के बाद भी यह वायरस जनपद तक आखिर कैसे पहुंचा। छोटी छोटी गलतियों के कारण जनपद में यह वायरस पहुंचा और धीरे धीरे लोगों को संक्रमित करना शुरू कर दिया।जिसमें एक मरीज से 40 मरीज संक्रमित हुए वहीं कुछ मरीज बाहर से आये थे तब कुल संख्या 44 पर पहुंची थी जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर व पुलिस अधीक्षक डा. सतीश कुमार के अथक प्रयास के बाद संक्रमितों को ठीक तो कर लिया लेकिन लोग तब भी जागरूक नहीं हो रहे है। 01 जून से लाक डाउन 5 लग चुका है जिसको लोग अनलॉक डाउन फस्र्ट बोल रहे है। वहीं जब लाक डाउन फस्ट लगा था तो लोगों को केवल इमरजेंसी सेवाओं के अलावा किसी चीज पर छूट नहीं दी जा रही थी वहीं अब लाक डाउन 5 जरूर लगा है लेकिन लोगों को जहां तक रियायत सभी दी गयी।जब लाकडाउन फस्ट में शासन और प्रशासन स्थिति नहीं संभाल पाया था अब जब लाँक डाउन खुल गया तो स्थिति कैसे संभाल पायेगा। प्रशासन के कड़े प्रयास और जनता को जागरूक करने के साथ सजा देने के बाद भी दिन पर दिन मरीजों के संक्रमित होने का तांता लगा रहा अब जब लाँकडाउन खुल गया है तो लोग एक दूसरे के सम्पर्क में आने लगे है तो अब कैसे संक्रमित होने से प्रशासन और शासन लोगों को बचा सकते है। लोगों को जागरूक करने के लिए शहर के हर चौराहे पर डण्डा लेकर खड़ा है और जो लोग बगैर हेलमिट और मास्क बगैर नजर आ रहे है उनका चालान भी हो रहा है लोगों की जेब से पैसे जाने के बाद भी उनमें जागरूकता पैदा होती नजर नहीं आ रही है।

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