कोरोना काल में एतिहासिक कजरी मेला पर लगा ग्रहण


नहीं दिखे जनप्रतिनिधि, सड़कों पर छाया रहा सन्नाटा
० महिला एसआई रानी गुप्ता ने बच्चों को बांटे मास्क, महिलाओं से ली भुजरियां

उरई (जालौन)(गोविंद सिंह दाऊ):- जनपद जालौन के मुख्यालय उरई में रक्षाबंधन के दूसरे दिन शहर के माहिल तालाब पर लगने वाला कजरी मेला कोरोना काल में तहस-नहस हो गया। मात्र चंद महिलाएं और लड़कियां कजरियां लेकर माहिल तालाब पर आयी और रस्म अदायगी करके चली गयी। वैसे हर वर्ष कजरी मेला के दौरान शाम के समय महिलाओं और लड़कियां तालाब पर पहुंच कर कजरियां बिसरजित करती थी और जनप्रतिनिधि, समाजसेवी व गणमान्य लोग पहुंच कर एक-दूसरे को भुजरियां भेंट कर बधाइयां देते हुए नजर आते थे मगर इस वर्ष कोरोना काल के दौरान ऐसा कुछ भी नहीं दिखाई दिया। केवल महिलाएं और युवतियां माहिल तालाब पर कजरियों को विसर्जन करती नजर आयी। माहिल तालाब पर सुरक्षा की दृष्टि से मौजूद महिला शक्ति टीम प्रभारी रानी गुप्ता ने वहां पर आने वाली महिलाओं का सहयोग किया और भुजरिया लेकर इनके महात्व के बारे में जानकारी ली इस एसआई रानी गुप्ता ने बगैर मास्क लगाये छोटे-छोटे बच्चों को अपनी ओर से उनके मुंह पर मास्क भी लगाये और आने वाली महिलाओं को कजरी मेला की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उधर कजरी मेला को देखते हुए क्षेत्राधिकारी सदर संतोष कुमार के नेतृत्व में शहर की सड़कों पर रूट मार्च निकाल कर सुरक्षा का जायजा लिया गया।

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