वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार चिकित्सकों को प्रताड़ित करने का लगाया आरोप

उरई (जालौन)(रिपोर्ट-गोविंद सिंह दाऊ):-। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डा. के. के. गुप्ता के नेतृत्व में डा. संजीव प्रभाकर, डा. मुकेश राजपूत, डा. आर. पी. सिंह सचिव एवं वरिष्ठ नेत्र सर्जन, डा. संजीव अग्रवाल, डा. वी. पी. सिंह, डा. कौशलकिशोर, डा. स्वेता दौदेरिया आदि डाक्टरों के प्रतिनिधि मण्डल ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन भेंट किया।
जिसमें लिखा है कि आज पूरा विश्व कोवड की महामारी से ग्रसित है और इस महामारी से हमारा देश और प्रदेश भी अछूता नहीं है। लेकिन देश एवं प्रदेश की सरकार की चरणवद्ध एवं सफल नीतियों एवं योजनाओं के द्वारा इस महामारी पर काफी हद तक नियंत्रण किया जाना संभव हो सका है। डाक्टरों के प्रतिनिधि मण्डल ने बताया कि कोविड-19 की बीमारी एवं संक्रमण काल में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सक अपने घर परिवार की चिंता को दर किनार करते हुए संक्रमण काल में ही जन जीवन के स्वास्थ्य की सुरक्षा करते हुए असमय शहीद एवं मृत्यु को प्राप्त हो गये। इसके बाद भी हमारे चिकित्सक अपनी उसी सेवा भाव से बगैर विचलित हुए कर्मपथ पर अग्रसर है। इस विषम परिस्थितियों में जहां प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न तरीकों से चिकित्सकों का मनोबल बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रायोजनों का आयोजन कर रहे है, वहीं प्रदेश के कुछ जनपदों में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकाधिकारियों द्वारा लगातार चिकित्सकों को प्रताड़ित एवं अभद्र भाषा का प्रयोग करके हतोत्साहित किया जा रहा है जिससे हमारे संवर्ग के चिकित्सक स्वयं को पीड़ित और अपमानित महसूस कर रहे है। डाक्टरों के प्रतिनिधि मण्डल का कहना है कि पूर्व में भी ऐसी घटना अलीगढ़, महाजपुर, बस्ती, वाराणसी एवं
मऊ तथा इसका ताजा उदाहरण रायबरेली प्रकरण है जो कि म चिकित्सकों को अपनी सेवा भाव से विमुख होकर आंदोलन होने को विवश कर रहा है।डाक्टरों के प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में लिखा है कि ऐसी विषम परिस्थितियों में आम जनमानस के हितों एवं चिकित्सकों के आत्मसम्मान की रक्षा हेतु आपका सक्रिय हस्तक्षेप होना जरुरी हो गया है।