योगेश्वरी प्रसाद ‘‘अलि’’ के निधन पर पहचान की शोक सभा


साहित्य जगत में शोक की लहर

उरई (जालौन)(रिपोर्ट-गोविंद सिंह दाऊ):- जनपद जालौन के वरिष्ठ, साहित्यकार, कवि, यशस्वी शिक्षक एवं अपने समय के धाकड़ शिक्षक नेता योगेश्वरी प्रसाद ‘‘अलि’’ (पूर्व प्रवक्ता डी.ए.वी. इण्टर कालेज उरई) का 10 सितम्बर 2020 को निधन हो गया। अलि’’ जी का निधन कानपुर में हो गया था।मोक्षधाम उरई में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनको श्रंद्धाजलि देने के लिए जनपद की साहित्यिक संस्था ,,पहचान,,ने एक शोक सभा बज़रिया स्थित यूसुफ अंसारी के आवास पर कर उनके व्यक्तित्व पर पहचान अध्यक्ष शफीकुर्रेह्मान कशफी, विनोद गौतम, यूसुफ अंसारी, किरपराम किरपालु, ने विचार व्यक्त कर उनको शानदार क़लमकार और बेबाक अपनी बात कहने वाला बताया अपनी बेबाक टिप्पणियों के विख्यात कीर्तिशेष योगेश्वरी प्रसाद ‘‘अलि’’ योग्य शिक्षक, कवि, साहित्यकार संघर्षशील शिक्षक नेता के साथ-साथ कुशल वक्ता भी थे। उनका निधन जनपद के साहित्य जगत के लिये अपूर्णनीय क्षति है।
एक लम्बे समय तक अपने आवास ‘‘गीतान्जलि’’ पर समृद्ध कवि गोष्ठियों के लिये भी ‘‘अलि’’ जी हमेशा याद किये जायेंगे। वह अपने पीछे पत्नी श्रीमती शशिप्रभा ‘‘अलि’’ (पूर्व प्रवक्ता राजकीय बालिका इण्टर कालेज उरई) पुत्र गौरव श्रावास्तव एवं सौरव श्रीवास्तव ‘‘अलि’’ एडवोकेट, पौत्र अथर्व, पुत्रियां श्रीमती रिचा श्रीवास्तव एवं श्रीमती गरिमा श्रीवास्तव सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं।
उनके निधन का समाचार मिलते ही उरई सहित पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। और जनपद के साहित्य जगत में शोक युक्त सन्नाटा छा गया।
उनके निधन पर वरिष्ठ साहित्यकार एवं अधिवक्ता पं. यज्ञदत्त त्रिपाठी, संस्था पहचान के अध्यक्ष शफीकुर्ररहमान ‘‘कश्फी’’विनोद गौतम,उपाध्यक्ष यूसुफ अंसारी गिरधर खरे, किरपाराम किरपालु,संजू दुबे, मुहम्मद शफ़ीक़ पवन गुप्ता लालू, कवयित्री प्रिया श्रीवास्तव ‘‘दिव्यम’’, प्रज्ञा श्रीवास्तव, सहित साहित्य जगत से जुड़े अनेक लोगों ने श्रद्धेय अलि जी के निधन पर शोक संवेदनायें व्यक्त की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?