उरई। सिख धर्म के संस्थापक गुरू गोविन्द सिंह की 355वीं जयन्ती पर राठ रोड स्थित गुरूद्वारे में प्रकाशोत्सव मनाया गया । इस दौरान गुरूद्वारा सिंह सभा ने विचार गोष्ठी , सबद कीर्तन व विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया।
इसके पूर्व एक सप्ताह पहले से सुबह शुभ मुहूर्त में प्रभात फेरी निकाल कर नगर के सभी गुरूद्वारों में अखण्ड सिमरन का आयोजन किया गया था। पिछले 48 घण्टे से गुरू ग्रन्थ साहिब का अखण्ड पाठ चल रहा था जिसकी सम्पूर्णता बुधवार को सबेरे 10 बजे हुयी ।
विचार गोष्ठी में कहा गया कि गुरू गोविन्द सिंह ने मानवीय मूल्यांे के लिये बलिदान की परम्परा का प्रवर्तन किया जो सदैव प्रासंगिक रहेगी । विचार गोष्ठी में सरदार हरजीत सिंह, सरदार हरदयाल सिंह , सुरजीत सिंह , आज्ञा सिंह , सरदार जसवन्त सिंह , नरेन्द्र सिंह , यशवीर सिंह , तरनजीत सिंह , चरनजीत सिंह , कुलमीत सिंह , सतनाम सिंह , हरदीप सिंह , संदीप सिंह , ज्ञानी कुलदीप सिंह , परमजीत कौर नारंग , गुरूजीत कौर , बलजीत कौर आदि ने गुरू गोविन्द सिंह के जीवन से जुडे प्रेरक प्रसंग सुनाये । शाम को भण्डारे में सैकडो लोगो ने प्रसाद छका । इस उपलक्ष्य में गुरूद्वारे की आकर्षक सजावट रात में रोशनी के साथ की गयी ।





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