मुंबई: भारतीय शास्त्रीय संगीत के रामपुर सहसवान घराने से ताल्लुक रखने वाले और पद्मश्री उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान (Ghulam Mustafa Khan) का 89 साल की उम्र में निधन हो गया है. इस बात की जानकारी उनकी बहू नम्रता ने सोशल मीडिया (Social Media) के जरिए फैंस को दी है. संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. खान साहब के निधन पर भारत रत्न लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar), सोनू निगम (Sonu Nigham) और एआर रहमान (AR Rehman) सहित कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है. 

जितने अच्छे गीतकार उतने ही अच्छे इंसान- लता मंगेशकर

भारत रत्न लता मंगेशकर ने ट्वीट के जरिए उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान को याद किया है. ट्वीट में लता दीदी ने लिखा, ‘मुझे अभी ये दुखद खबर मिली है कि महान शास्त्रीय गायक  उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान साहब इस दुनिया में नहीं रहे. ये सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ. वो गायक तो अच्छे थे ही पर इंसान भी बहुत अच्छे थे.”

संगीतकार ए आर रहमान ने भी उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है. सोनू निगम ने भी ट्विटर पर उस्ताद गुलाम अली खान की तर्ज पर गाए गाने को अपलोड कर उन्हें याद किया है.

कब-कब मिले पद्म अवॉर्ड

उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का जन्म 3 मार्च, 1931 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था. उस्ताद गुलाम मुस्तफा के शिष्यों में सोनू निगम के अलावा हरिहरन (Hariharan), शान (Shaan), आशा भोसले (Asha Bhosle), गीता दत्त, मन्ना डे (Manna Dey), एआर रहमान और लता मंगेशकर का नाम भी शुमार है. उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान की गिनती बेहतरीन संगीतकारों में होती थी जिसके लिए भारत सरकार ने उन्हें 1991 में पद्म श्री, 2006 में पद्म भूषण और 2018 में पद्म विभूषण अवॉर्ड से नवाजा था. 





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