उरई। आॅनलाइन ठगी का नेटवर्क ग्रामीण अंचलों तक तेजी से फैल रहा है। कुठौन्द और सिरसाकलार पुलिस के संयुक्त आॅपरेशन में ऐसे दो ठगों को गिरफ्तार किया गया है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक ने मीडिया वार्ता में बताया कि इसमें व्यापक गिरोह संलग्न है जिसके कम से कम 9 सदस्य है। अन्य की भी तलाश की जा रही है।
सुदूर क्षेत्रो में वैसे भले ही शिक्षा और जागरूकता की कमी हो लेकिन साइबर क्राइम के मामले में ऐसे क्षेत्रो में गुदडी के तमाम लाल प्रकट हो रहे है जो पुलिस को चुनौती देने में सभी के कांन काटते है। यह खुलासा कालपी के बाद अब कुठौन्द क्षेत्र में हुआ है।
अपर पुलिस अधीक्षक डा0 अवधेश सिंह ने बताया कि भदेख का विवेक कुमार माथुर और नैनापुर का जोनी लोगो से नौकरी लगवाने के नाम पर उनके मूल अभिलेख प्राप्त कर लेते था और इसके बाद पेटीएम खाता उनके नाम से खोलकर उनके कागजों पर एटीएम कार्ड जारी करवा लेते थे। फिर इनका खेल शुरू हो जाता था। कानपुर वाले डब्बू निषाद से इन्हें साइबर आपरेशन मदद मिलती थी । नौकरी की तलाश में भटक रहे बेरोजगारों को अपने जाल में उलझाकर ये लेाग पेटीएम वालेट में रकम डलवा लेते थे जिसे एटीएम कार्ड से निकाल लेते थे।
इनका शिकार बने विजवाहा थाना कुठौन्द निवासी हिमांशु प्रताप सिंह उर्फ अतुल ने जब इसकी रिपोर्ट दर्ज करायी तो पुलिस को पता चला । घेराबन्दी करके पुलिस ने दोनो आरोपित धर दबोचे । अपर पुलिस अधीक्षक के मुताबिक इनके पूरे गैंग को के्रकडाउन करने के लिये व्यूह रचना तैयार कर ली गयी है। उम्मीद है कि जल्द ही इनके अन्य साथी साइबर ठग पुलिस की गिरफ्त में होगें।





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