नई दिल्लीः देशभर में कोविड-19 के खिलाफ सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. कोरोना टीकाकरण के बीच ही देश में 31 जनवरी से राष्ट्रीय पोलियो टीकाकरण अभियान भी चलाया जाएगा. इसे पहले 17 जनवरी से शुरू किया जाना था लेकिन 16 जनवरी से कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू होने के कारण स्थगित कर दिया गया था.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्रीय पोलियो टीकाकरण दिवस पर 30 जनवरी को सुबह 11.30 बजे राष्ट्रपति भवन में कुछ बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाकर अभियान का शुभारंभ करेंगे. पोलियो के अभियान से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य हैं जिन्हें सभी के लिए जानना आवश्यक होता है.

2 फरवरी तक चलेगा अभियान
अभियान के तहत 5 वर्ष की आयु तक के बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई जाएगी और यह अभियान 2 फरवरी तक चलेगा. देश में विश्व स्वास्थ्य संगठन की वैश्विक पोलियो उन्मूलन पहल के बाद 1995 में पल्स पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम शुरू किया था और पोलियो टीकाकरण अभियान जिस रविवार को होता है, उसे राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के रूप में जाना जाता है.

सीनियर सिटीजन को बच्चों के साथ नहीं जाने की सलाह
गौरतलब है कि पोलियो टीकाकरण अभियान वर्ष में दो बार आयोजित किया जाता है और इसकी शुरुआत आमतौर पर शुरुआती महीनों में की जाती है. इस समय कोविड 19 महामारी के बीच टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. ऐसे में सीनियर सिटीजंस को सलाह दी गई है कि वे बच्चों को टीकाकरण कैंप में नहीं लेकर जाएं.

तीन दिन के लिए रोका जा सकता है कोविड-19 टीकाकरण
कोविड -19 टीकाकरण अभियान शुरू करने से पहले, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जोर दिया कि चल रहे इनोक्यूलेशन कार्यक्रम के साथ कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं किया जाएगा. हालांकि कोविड -19 टीकाकरण की स्थिति का जायजा लेने के लिए पोलियो टीकाकरण का आयोजन किया गया था. सूत्रों के अनुसार, पोलियो टीकाकरण अभियान के तीन दिन के दौरान कोविड-19 टीकाकरण अभियान को रोका जा सकता है.

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