’ पेट्रोल पंप से आया था सेलिंग का आठ लाख पचास हजार रुपया

आधा दर्जन पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसी में भी साझीदार है पीडित
कोंच। अभी दो दिन पहले ग्राम सिमिरिया में तीन घरों में हुई लाखों की चोरियों की स्याही सूख भी नहीं पाई थी कि समीप के ही ग्राम बरोदा खुर्द में चोरों ने दुस्साहसिक तरीके से कई पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसी के साझीदार के यहां तकरीबन बारह लाख की चोरी की घटना को अंजाम देकर इलाके मेें सनसनी फैला दीै। चोर साढे आठ लाख रुपए नकद और तकरीबन चार लाख के सोनेे चांदी के जेेवरों पर हाथ साफ करके बड़े आराम से निकल गए। जिस घर में चोरी हुई वहां से चोरों के बाहर निकलने के तो निशान खुले दरवाजे के तौर पर मिले हैैं लेकिन चोर कैसेे घुसे यह अभी भी रहस्य बना हुआ है। घर के लोगों का अनुमान है कि चोरी की इस वारदात से पहले रेकी की गई होगी और दिन में ही जब घर के दरवाजे खुले होंगेे, कोई घर के अंदर छिप कर बैठ गया होगा और रात होतेे ही उसने पिछवाड़े का दरवाजा खोल अपने अन्य साथियों को अंदर बुला लिया होगा। सूचना पर कोतवाली पुलिस के अलावा सीओ भी मौके पर पहुंच गए थे। उन्होने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। कोतवाल ने चोरी की घटना को फर्जी करार दिया है।
जानकारी के मुताबिक रविवार को देर रात किसी समय ग्राम बरोदा खुर्द के रहने वालेे ब्रजेश सिंह राजावत जो जनसत्ता लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेशीय महासचिव हैं और लखनऊ में रहते हैं, दो दिन पहले ही यहां से गए थे। घर में उनके नेत्रहीन पिता रिटायर्ड अध्यापक शत्रुघ्न सिंह अपने कमरे में तथा उनकी पत्नी शिवदेवी दो बेटियों के साथ दूसरे कमरे में सो रहे थे तभी किसी समय अज्ञात चोरों ने कमरों में रखे अलमारी आदि में रखे लगभग साढे आठ लाख रुपए नकद तथा तकरीबन चार लाख के जेवरों पर हाथ साफ कर दिया और पीछे के दरवाजे से आराम से निकल गए। शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में पेट्रोल पंपों की बिक्री का लगभग साढे आठ लाख रुपया नकद अलमारी में रखा था जिसे चोर ले गए हैं। बताया गया है रविवार होने केे कारण सेल का पैसा बैंक नहीं जा सका था और घर में ही रखा गया था। इसके अलावा अलमारी और दो बक्सों से तकरीबन चार लाख के जेवरों पर भी चोरों ने हाथ साफ किए हैं। वहीं घटना की जानकारी लगते ही सीओ कोंच राहुल पांडे व प्रभारी निरीक्षक इमरान खान पुलिस बल के साथ पहुंच गए और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट भी गांव पहुंच गई थी और सुराग ढूंढने मेें लगी है। पुलिस भी बारीकी से पूरे घटनाक्रम की पड़ताल में जुटी है। सीओ ने बताया है कि पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और कई टीमें लगा दी गई है, जल्दी ही घटना का खुलासा किया जाएगा। इधर, कोतवाल इमरान खान का कहना है कि चोरी का पूरा मामला फर्जी है क्योंकि घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद वहां की स्थितियां बताती हैं कि चोरी की वारदात संदिग्ध है लेकिन फिर भी मामले की गहराई का पता लगाया जा रहा है।

बड़ा सवाल चोर अंदर कैसे घुसे
ग्राम बरोदा खुर्द में हुई लाखों की चोरी की वारदात में एक अनसुलझा बड़ा सवाल अभी भी अनुत्तरित है कि आखिर किले जैसे बंद घर में चोरों की ऐंट्री कैसे हुई। हालांकि घर के पिछवाड़े का दरवाजा खुला पाया गया लेकिन समझा जा रहा है कि चोरों ने वारदात को अंजाम देने के बाद बाहर निकलने के लिए उसे खोला होगा। परिजन सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि उन्हें इस बात का पूरा अंदेशा है कि पहले बदमाशों ने रेकी की होगी और फिर दिन के समय जब दरवाजा खुला होगा तब एकाध व्यक्ति अंदर छिप कर बैठ गया होगा और रात में उसने पीछे का दरवाजा खोल कर अपने अन्य साथियों को अंदर बुला लिया होगा तथा घटना को अंजाम देनेे केे बाद उसी पिछवाड़े के रास्ते निकल लिए होंगेे। इस सवाल कि अलमारियों के तालेे नहीं टूटे और चाभियां शत्रुघन सिंह के पास ज्यों की त्यों रखी पाई गईं फिर चोरों ने उन्हें खोला कैसेे, पर उनका कहना है कि मास्टर चाभी का उपयोग किया गया हो सकता है
इसी घर में 1957 में डकैती पड़ी थी
गृहस्वामी अवकाशप्राप्त नेत्रहीन शिक्षक शत्रुघ्नसिंह बताते हैं कि जब यह घर बना नहीं था तब बर्ष 1957 में इसी घर में डकैती पड़ी थी जिसमें डकैत तमाम माल ले गए थे। हालांकि बाद में उस डकैती का परदाफाश भी हो गया था और कुछ माल भी बरामद हो गया था। इसके बाद बर्ष 2002 में नए घर की तामीर हुई थी लेकिन आज तक पहले यहां से एक कील तक चोरी नहीं हुई।

सर्विलांस और एसओजी को लगाया गया-एएसपी
चोरी की इस बड़ी वारदात को लेकर जिले के अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अवधेश सिंह का कहना है कि मामला पंजीकृत कर लिया गया है और चोरी के खुलासे के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैैं। सर्विलांस और एसओजी की टीमों को भी लगाया गया है। शीघ्र ही न सिर्फ बरोदा बल्कि सिमिरिया में हुई तीन अन्य चोरियों का भी अनावरण कर दिया जाएगा।





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