सांसद निधि और नगरपालिका के मोक्ष धाम में हुए विकास कार्य में भ्रष्टाचार खुद दे रहा है गवाही

2011 और 12 में लगभग छह लाख की लागत से बनाया गया था मोक्ष धाम में प्रतीक्षालय

उरई (जालौन)(गोविंद दाऊ):- एक कहावत है कि कफन में जेब नहीं होती लेकिन नगर के प्रसिद्ध मोक्ष धाम में इस कहावत को भी भ्रष्टाचारियों और कमीशन खोरो ने गलत ठहरा दिया आज मोक्ष धाम समिति के सचिव अशोक गुप्ता महाबली तथा समिति के सदस्य कमलेश जैन ने मोक्ष धाम में भ्रष्टाचार के नमूने पत्रकारों को दिखाते हुए बताया कि वर्ष 2011 12 में तत्कालीन सांसद घनश्याम अनुरागी ने सांसद निधि से लगभग 6 लाख की लागत से मोक्ष धाम में आने वाले दुखी परिजनों के लिए बैठने के लिए एक प्रतीक्षालय बनवाया था लेकिन 6 माह के भीतर ही यह प्रतीक्षालय पहली ही बरसात में यह प्रतीक्षालय बुरी तरह टपकने लगा उसकी बीमें झुककर टेढ़ी हो गई और वह गिरने की स्थिति में आ गया यहां कोई बड़ा हादसा ना हो जाए इससे परेशान होकर मोक्ष धामसमिति के पदाधिकारियों ने कई बार जिला प्रशासन से और सांसद से अनुरोध किया कि इस कार में भीषण भ्रष्टाचार हुआ है इसलिए इसमें कोई हादसा ना हो इसलिए इसको सुधर आया जाए लेकिन जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो संस्था के सचिव अशोक गुप्ता महाबली ने कोच बस स्टैंड के पास स्थित मोक्षधाम मैं पत्रकारों को बताया कि समिति ने समाज से लिए गए चंदे के आधार पर लगभग 2 लाख खर्च कर गिर रही प्रतीक्षालय की बीमा में नीचे से पिलर खड़े करवाएं उन्होंने कहा कि आप लोगों ने देखा ही है कि किस तरह से छत कमजोर है दीवारें फट रही हैं फर्श जगह-जगह से खुतरी हुई है जो कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार की अपने आप में गवाही दे रही है। उन्होंने कहा कि कल जिस तरह से हृदय विदारक घटना गाजियाबाद के मुरादनगर के मोक्ष धाम में हुई है जिसमें 23 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है उसको ही संज्ञान में लेकर हमने प्रशासन और जनता को सजग करने के लिए यह प्रेस वार्ता मोक्षधाम के सचिव अशोक गुप्ता ने कहा कि 5 से लेकर 9 तक जो शवदाह गृह नगर पालिका द्वारा तत्कालीन चेयरमैन ने वर्ष 2011 और 12 में बनवाए थे उनकी कमीशन खोरी यहां खुद बयान दे रही है उन्होंने कहा कि आप लोगों ने देखा है कि किस तरह से 5 और 7 नंबर के सौदा है ग्रह की छत टूट गई है नीचे से ऊपर तक साफ दिखाई दे रहा है पानी बरसता है तो सीधे अंत्येष्टि स्थल पर गिरता है प्लास्टर निकल गए हैं सरिया निकल रही है यह कार्य 2011 में तत्कालीन पालिका अध्यक्ष का शी कोरी अब स्वर्गीय और उनके बोर्ड ने करवाया था लेकिन इसमें भी भीषण कमीशन खोरी हुई थी जो खुद ही गवाही दे रही हैं।

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