प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
– फोटो: एएनआई

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण का जवाब दे रहे हैं। शीर्ष सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में 15 घंटे की बहस हुई। सदन के सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच किसान आंदोलन और कृषि कानूनों को लेकर तीखी बहस हुई। यहां जानिए प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की बड़ी बातें … जानिए …

पूरा विश्व कई चुनौतियों से जूझ रहा है – पी.एम.
राज्यसभा में पीएम ने कहा कि शायद ही किसी ने सोचा होगा कि मानव जाति को ऐसे कठिन दौर से गुजरना होगा, कई चुनौतियों के बीच राष्ट्रपति जी का इस दशक का पहला भाषण हुआ। जब पूरे विश्व पटल की तरफ देखते हैं, भारत के युवा मन को देखते हैं तो ऐसा लगता है कि आज भारत सच्चे में एक अवसर की भूमि है। ‘

प्रधानमंत्री ने पढ़ीं मैथिलीशरण गुप्त की कविता
राज्यसभा में पीएम ने मैथिलीशरण गुप्त की कविता की पंक्तियां पढ़ी, जो हैं- मौके पर आपके लिए खड़ा है, फिर भी चुप चुपचाप पड़ा है। तेरा कर्म क्षेत्र बड़ा है, पल पल है अनमोल। हे भारत! उठो, आंखें खोलो ..! उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में अगर कहा जाता है तो ऐसे कहते- अवसर ते के लिए खड़ा है, आप विश्वास से भरा पड़ा है, हर बाधा हर बंदिश को तोड़, अरे भारत आत्मनिर्भरता के पथ पर दौड़।

‘कोरोना की लड़ाई जीतने का यश भारत को जाता है’
अपने भाषण में पीएम ने कहा कि कोरोना की लड़ाई जीतने का यश किसी सरकार को नहीं जाता है, किसी व्यक्ति को नहीं जाता है लेकिन हिंदुस्तान को तो जाता है। गर्व करने में क्या जाता है? विश्व के सामने आत्मविश्वास से बोलने में क्या जाता है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण का जवाब दे रहे हैं। शीर्ष सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में 15 घंटे की बहस हुई। सदन के सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच किसान आंदोलन और कृषि कानूनों को लेकर तीखी बहस हुई। यहां जानिए प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की बड़ी बातें … जानिए …

पूरा विश्व कई चुनौतियों से जूझ रहा है – पी.एम.

राज्यसभा में पीएम ने कहा कि शायद ही किसी ने सोचा होगा कि मानव जाति को ऐसे कठिन दौर से गुजरना होगा, कई चुनौतियों के बीच राष्ट्रपति जी का इस दशक का पहला भाषण हुआ। जब पूरे विश्व पटल की तरफ देखते हैं, भारत के युवा मन को देखते हैं तो ऐसा लगता है कि आज भारत सच्चे में एक अवसर की भूमि है। ‘

प्रधानमंत्री ने पढ़ीं मैथिलीशरण गुप्त की कविता

राज्यसभा में पीएम ने मैथिलीशरण गुप्त की कविता की पंक्तियां पढ़ी, जो हैं- मौके पर आपके लिए खड़ा है, फिर भी चुप चुपियां पड़ा है। तेरा कर्म क्षेत्र बड़ा है, पल पल है अनमोल। हे भारत! उठो, आंखें खोलो ..! उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में अगर कहा जाता है तो ऐसे कहते- अवसर ते के लिए खड़ा है, आप विश्वास से भरा पड़ा है, हर बाधा हर बंदिश को तोड़, अरे भारत आत्मनिर्भरता के पथ पर दौड़।

‘कोरोना की लड़ाई जीतने का यश भारत को जाता है’

अपने भाषण में पीएम ने कहा कि कोरोना की लड़ाई जीतने का यश किसी सरकार को नहीं जाता है, किसी व्यक्ति को नहीं जाता है लेकिन हिंदुस्तान को तो जाता है। गर्व करने में क्या जाता है? विश्व के सामने आत्मविश्वास से बोलने में क्या जाता है?





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