सार

नवंबर के अंतिम सप्ताह से कृषि कानूनों का दिल्ली की सीमाओं पर विरोध कर रहे किसानों का आंदोलन आज अपने 69 वें दिन में प्रवेश कर चुका है। जहां 26 जनवरी से पहले दिल्ली की तमाम सीमाओं पर किसान आंदोलन आसानी से चल रहा था, वहीं अब तमाम सीमाओं पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई किलेबंदी और घेरेबंदी से किसानों को जरूरी सामान के लिए काफी जद्दोजहद करना पड़ रहा है। हालांकि उनका हौसला अब भी नहीं टूटा है और किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मनी जाएंगी वह घर नहीं जाएंगे। आज शिवसेना नेता संजय राउत भी किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले गाजीपुर बॉर्डर पहुंचेंगे। यहाँ पढ़ें दिनभर के अपडेट …..

नवंबर तक चलेगा आंदोलन: राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि, हमने सरकार को बता दिया कि ये आंदोलन अक्टूबर तक बगावत कर देगा। अक्टूबर के बाद आगे की तारीख करेंगे। बातचीत भी चलती रहेगी। नौजवानों को बहकाया गया, उन्हें लालर्ट का रास्ता बताया गया कि पंजाब की कौम बदनाम हो। किसान कौम को बदनाम करने की कोशिश की गई।

राकेश टिकैत ने कटीली चिंगारी और बैरिकेडिंग के पास ईबे खाना रखा

पुलिस द्वारा गाजीपुर बॉर्डर पर कटीले तारों और बैरिकेडिंग से जो घेराबंदी की गई है उसके बाद मंगलवार को राकेश टिकैत ने बैरिकेडिंग के पास ही बैठकर खाना खाया। वह बोले कि हम किसान हैं कोई अपराधी नहीं जो इस तरह की किलेबंदी की गई है। इस दौरान वह भावुक भी हो गया।

संजय राउत पहुंचे यूपी गेट

शिवसेना के नेता संजय राउत यूपी गेट पहुंच चुके हैं। वह यहां पहुंचकर पहले राकेश टिकैत से मिले फिर मंच पर जाने का प्रयास करने लगे लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि वह मंच तक नहीं जा सकी। फिर वह कार में बैठकर यहां से निकल गया। पहले तो लोगों को लगा कि वह चली गई लेकिन अब वह कार के जरिए ही पीछे के रास्ते से मंच तक पहुंच रही हैं। हालांकि वह मंच के ऊपर नहीं चढ़ेंगे लेकिन मंच के पास तक लोगों को संबोधित जरूर करेंगे। बता दें कि किसान आंदोलन में किसान राजनीतिक दलों के नेताओं से अपना मंच नहीं साझा कर ऐसे में जो भी नेता आता है वह मंच के नीचे से ही अपनी बात लोगों के सामने रखता है।

सरकार नंबर तो बताए जिस पर कॉल करना है

पीएम मोदी ने किसानों के मुद्दे पर बीते दिनों ये बयान दिया था कि उनकी सरकार किसानों से बस एक फोन कॉल की दूरी पर है, किसान जब चाहें कृषि मंत्री से बात कर सकते हैं। मंगलवार को गाजीपुर बॉर्डर पर इसे लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि, सरकार कह रही है कि सरकार और किसान के बीच सिर्फ एक कॉल की दूरी है तो सरकार वह नंबर बता दे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह से दिल्ली के चारों ओर पुलिस ने बैरिकेडिंग की है उससे साफ दिखाई दे रही है कि आने वाले समय में रोटी इसी तरह कैद हो जाएगी।

दिल्ली हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका खारिज

सिंघु, गाजीपुर, टिकारी बॉर्डर और उसके आसपास 26 जनवरी को या उसके बाद अवैध रूप से हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में जो जनहित याचिका दायर की गई थी आज उसे अदालत ने खारिज कर दिया है।

आंदोलन सिर्फ किसानों का, राजनीतिक लोग माहौल बिगाड़ रहे हैं: भाकियू युवा

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सोमवार को हुए किसान सम्मान महापंचायत के आयोजक भाकियु युवा के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लोग किसान आंदोलन के मंच का इस्तेमाल माहौल बिगाड़ने के लिए कर रहे हैं। सिंह ने मंगलवार को पीटीआई से कहा, ‘दिल्ली की सीमाओं पर चल रहा आंदोलन सिर्फ किसानों का है लेकिन राजनीतिक दलों के नेता अपने समर्थकों के जरिए दवाब बनवाकर मंच हासिल करना चाहते हैं। सोमवार को भी भीड़ के बीच मौजूद एक दल के लोगों के शोर शराबे के कारण स्थिति संभालने के लिए एक नेता को महापंचायत के मंच पर बुलाना पड़ा। ‘

गाजीपुर बॉर्डर से सामने आई पुलिस सुरक्षा की तस्वीरें

गाजीपुर बॉर्डर आज भी बंद

किसान आंदोलन के चलते दिल्ली पुलिस ने आज भी गाजीपुर बॉर्डर बंद रखा है। इस कारण सुबह पीक आवर में कई वाहनों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया। पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर बंद होने के चलते आनंद विहार, चिल्ला, डीएनडी, अप्सरा, भोपरा और लोनी बॉर्डर का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

राहुल गांधी आंदोलन स्थल पर बैरिकेडिंग और नुकीली तार लगाने पर सरकार से कही ये बात

दिल्ली के सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर जहां किसानों का आंदोलन चल रहा है वहां बीते दो दिनों से पुलिस लगातार सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाती रही है। यहां कटीली तारें, बैरिकेडिंग, सीमेंट की बैरिकेडिंग, खाई खोदने से लेकर नुकीले सरिए भी हो रहे हैं ताकि किसान और उनके चाल दिल्ली में प्रवेश न कर सकें। इन्हीं खबरों और तस्वीरों के सामने आने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि, ‘भारत सरकार, आप पुल बनाइए न कि दीवार’।

आज संजय राउत पहुंचेंगे गाजीपुर बॉर्डर

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आंसूओं ने किसान आंदोलन को ऐसी मजबूती दी है कि उसके बाद से ही गाजीपुर बॉर्डर पर न सिर्फ किसानों के आने बल्कि किसानों के आने का सिलसिला भी तेजी से शुरू हो गया है। इसी कड़ी में आज शिवसेना के नेता संजय राउत गाजीपुर बॉर्डर पहुंचकर किसानों से मिलेंगे और आंदोलन को अपना समर्थन देंगे।

सुरक्षा के लिए टीकरी बॉर्डर की सड़क पर ठोंके नुकीले सराय

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुए बवाल के बाद दिल्ली पुलिस ने हरियाणा-दिल्ली सीमा पर कड़े इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। एक दिन पहले जहां दिल्ली पुलिस ने झाड़ोदा बॉर्डर पर कंक्रीट की तीन फुट चौड़ी और चार फुट ऊंची दीवार बनाई थी, वहीं अब टीकरी बॉर्डर पर सुरक्षा के लिहाज से सड़क पर नुकीले सरिये ठोंक दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने यह इंतजाम रविवार की रात को किया। सीमाओं के बंद होने के बाद बहादुरगढ़ से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

किसान एकता मोर्चा का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड

दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन में कई जिलों से खापों के प्रतिनिधि और किसान लगातार पहुंच रहे हैं। वहीं सोमवार को किसान एकता मोर्चा का सैटेलाइट खाता सस्पेंड कर दिया गया है। किसान आंदोलन को लेकर ज्यादा पोस्ट करने वाले कई अन्य वेब अकाउंट भी सस्पेंड किए गए हैं। इधर, तीन फरवरी को किसान नेता राकेश टिकैत जींद का दौरा करेंगे और लोगों से किसान आंदोलन के लिए समर्थन मांग करेंगे। खटकड़ टोल पर किसानों ने अन्ना हजारे के नाम खुला पत्र लिखकर उनसे आंदोलन में शामिल होने की मांग की है।

पंजाब ने दिल्ली में लापता लोगों के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर 112

गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में किसानों की चाल रैली के दौरान पंजाब के 100 से अधिक व्यक्तियों के लापता होने की घटना पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को एक ‘हेल्पलाइन नंबर 112’ का एलान किया। इस नंबर पर लापता लोगों के बारे में जानकारी दी जा सकती है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य के एडवोकेट जनरल की तरफ से 70 वकील नियुक्त किए गए हैं, जो राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस केसों का सामना कर रहे किसानों को मुफ्त कानूनी सहायता मुहैया करवाएंगे। एडवोकेट जनरल अतुल नन्दा ने बताया कि यह जानकारी मिली है कि दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के 89 व्यक्तियों को हिरासत में लिया है और हिंसा के संबंध में 38 एफआईआर दर्ज की है।

हरियाणा में इंटरनेट सेवा बाधित करने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका

हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में इंटरनेट सेवाओं को बार-बार बाधित किए जाने के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। संदीप सिंह व अन्य ने याचिका दायर कर कहा है कि 26 जनवरी को केंद्र सरकार ने सिंघु बार्डर, गाजीपुर, टीकरी मुकरबा चौक और नांगलोई के आसपास इंटरनेट सेवाओं को रोक दिया है। इसी के तहत हरियाणा सरकार ने 29 जनवरी को एक आदेश के तहत राज्य के 17 जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है, जो अलग-अलग आदेश के तहत अब तक जारी है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार की इस तरह की कार्रवाई मौलिक अधिकारों के खिलाफ है। सरकार की इस कार्रवाई के कारण आम लोगों को निजी और व्यापारिक तौर पर कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।





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