इन सरकारी कंपनियों में अनवेश होंगे
– फोटो: अमर उजाला

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

* सिर्फ ₹ 299 सीमित अवधि की पेशकश के लिए वार्षिक सदस्यता। जल्दी से!

ख़बर सुनकर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज केंद्रीय बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में पौने दो लाख करोड़ रुपये केवेश से प्रोत्साहन का लक्ष्य रखा है, जो कि पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना में लगभग 35 हजार करोड़ रुपये कम है। गौरतलब है कि पिछले बजट में सरकार ने 2.1 लाख करोड़ रुपये अनवेश से बढ़ाने का लक्ष्य रखा था।

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बताया कि सरकार के पास ऋवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का प्लान तैयार है। अब तक कुछ सरकारी कंपनियों में ऋवेश को लेकर निर्णय लिए जा चुके हैं, जो वित्तीय वर्ष 2021-22 में पूरे होंगे। निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में बीपीसीएल, एअर इंडिया, कॉनकोर, आईडीबीआई और एससीआई में ऋवेश पर मुहर लग सकती है। इसके अलावा एलआईसी का आईपीओ भी अगले वित्तीय वर्ष में लाने का प्लान बताया। इसके अलावा शेयर बाजार में तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार कुछ सीपीएसई में भी अपनी भागीदारी के लिए सेल के माध्यम से बेच सकती है। वहीं, अन्य निजीकरण डील्स भी नए वित्तीय वर्ष में पूरी होने का अनुमान है।

जानकारी के मुताबिक, बीपीसीएल में सरकार अपना पूरा हिस्सा (52.98 फीसदी) यानी 114.91 करोड़ शेयर बेचने की तैयारी कर चुकी है। बीपीसीएल देश की दूसरी सबसे बड़ी तेल कंपनी है, जिसका बैलेंस शीट बेहद मजबूत है। कंपनी हमेशा सरकार को मुनाफा कमानेकर देती रही है। दरअसल, बीस्टएल के देशभर में करीब 17 हजार 138 पेट्रोल पंप हैं। सरकार एलान कर रही है कि बीपीसीएल के रणनीतिकारों को कंपनी का प्रबंधन नियंत्रण भी ट्रांसफर किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि कंपनी का मालिकाना हक भी निर्माताओं के पास चला जाएगा। बता दें कि बीपीसीएल बेचने से सरकार को लगभग 60 हजार करोड़ रुपये मिल सकते हैं। गौरतलब है कि सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया के कर्ज में डूबी हुई है। ऐसे में सरकार इससे छुटकारा पाना चाहती है। बता दें कि सरकार ने साल 2020 में एयर इंडिया को बेचने के लिए कई बार बोलियां लगाईं, लेकिन कलेक्टर नहीं मिले। उम्मीद है कि अगले वित्तीय वर्ष में सरकार इसे बेचने में सफल रहेगी। गौरतलब है कि इस वक्त एयर इंडिया पर 60 हजार 74 करोड़ रुपये का कर्ज है, लेकिन अधिग्रहण के बाद निर्माता को 23 हजार 286.5 करोड़ रुपये ही चुकाने होंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज केंद्रीय बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में पौने दो लाख करोड़ रुपये केवेश से प्रोत्साहन का लक्ष्य रखा है, जो कि पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना में लगभग 35 हजार करोड़ रुपये कम है। गौरतलब है कि पिछले बजट में सरकार ने 2.1 लाख करोड़ रुपये अनवेश से बढ़ाने का लक्ष्य रखा था।


आगे पढ़ें

वित्त मंत्री ने ये एलएएन किए





Source link