कलेक्ट्रेट पहुंच कर प्रधानमंत्री को सम्बोधित सौप सके ज्ञापन

उरई (जालौन)(गोविंद सिंह दाऊ):- केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये किसान विरोधी तीनों कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर पूरे देश में किसान आंदोलन चल रहा है। आज शनिवार को राष्ट्रीय किसान मोर्चा के आवाहन पर समूचे देश में काले कानून के विरोध में धरना प्रर्दशन कर प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन दिया जाना था। इसी कड़ी में भाकियू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लम्बरदार अपने चंद दर्जन भर किसानों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और सात सूत्रीय मांगपत्र प्रधानमंत्री को सम्बोधित अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को भेंट किया। ज्ञापन में खास बात यह नजर आयी कि भाकियू के तहसील अध्यक्ष उरई रामकुमार पटेल के लेटर पैड में भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लम्बरदार का नाम तक दर्ज नहीं था।ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे भाकियू के भगवानदास निरंजन, गजेन्द्र सिंह पटेल, हरीशंकर राजपूत, राजू पटेल, मंगल सिंह, मानसिंह एरी, घनाराम पाल, रामपाल कुठौंदा सहित मात्र दर्जन भर किसान मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में लिखा है किसान विरोधी तीनों बिलों को सरकार वापस लें, समर्थन मूल्य को कानूनी अधिकार बनाकर समर्थन मूल्य के नीचे खरीद को अपराध की श्रेणी घोषित किया जाये सहित सात सूत्रीय मांगों को शामिल किया गया। ज्ञापन देने किसानों के साथ बगैर आमंत्रण के भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लम्बरदार ने भाकियू के जिला स्तरीय एवं ब्लाक स्तरीय नेताओं को बोलने तक नहीं दिया वह स्वयं ही राष्ट्रीय स्तर का भाषण देते रहे और धरना समाप्त हो गया।