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गौरीगंज (अमेठी)। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन की ओर से आपूर्ति की गईं 65 हजार टैबलेट का सैंपल प्रयोगशाला में फेल हो गया है। इस संबंध में कारपोरेशन का पत्र आने के बाद जिला ड्रग वेयरहाउस की ओर से अस्पतालों को भेजी गई दवाओं को वापस मंगाने की कवायद शुरू कर दी गई है।
सितंबर 2021 में झटका (मिर्गी) की दवा क्लोबाजैम पांच एमजी की 65 हजार टैबलेट की आपूर्ति रिडेल लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड नरेला कांपलेक्स दिल्ली द्वारा की गई थी। आपूर्ति की गईं सभी टैबलेट का बैच नंबर सीएलओ-2101 था। जिला ड्रग वेयरहाउस पर आपूर्ति होने के बाद 300 टैबलेट का सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया।
24 हजार टैबलेट की आपूर्ति जिले के सरकारी अस्पतालों पर कर दी गई। 40,700 टैबलेट ड्रग वेयरहाउस के स्टॉक में मौजूद हैं। इसी बैच की आपूर्ति बरेली में भी हुई थी। वहां के ड्रग औषधि निरीक्षक ने मानसिक चिकित्सालय में मौजूद उक्त दवा का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट में उसका सैंपल फेल मिला है। सैंपल फेल होने की सूचना डीआई द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन को दी गई।
सूचना मिलते ही कारपोरेशन द्वारा उस बैच की आपूर्ति वाले जिलों को तत्काल मेल भेजकर अस्पतालों को वितरित की गईं दवाओं के वितरण पर रोक लगाते हुए उसे एकत्र कराकर वापस भेजने को कहा गया है। सूचना मिलते ही जिले के ड्रग वेयरहाउस प्रभारी डॉ. राजीव सौरभ ने सभी अस्पतालों को फोन व पत्र भेजकर तत्काल उन दवाओं का वितरण नहीं करने तथा तीन दिन के भीतर जिला ड्रग वेयरहायस पर वापस भेजने को कहा है।
सैंपल पास होने के बाद होता है वितरण
जिला ड्रग वेयरहाउस प्रभारी डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि जिन दवाओं की आपूर्ति मिलती है उसका सैंपल पास होने के बाद ही वितरण किया जाता है। कहा कि जिला स्तर पर जो दवाएं भेजी जाती हैं उनका सैंपल पास होने के बाद कारपोरेशन द्वारा पोर्टल पर उसे एक्टिव कर दिया जाता है। पोर्टल पर एक्टिव होने के बाद ही ड्रग वेयरहाउस से जिले की अस्पतालों में वितरण किया जाता है। बताया कि कारपोरेशन द्वारा पोर्टल पर एक्टिव होने के बाद ही वितरण किया गया था।
नहीं पड़ेगा कोई विपरीत प्रभाव
प्रभारी ने बताया कि जो दवाएं मरीजों को वितरित कर दी गई होंगी उसे खाने से उनके शरीर पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। कहा कि उस मर्ज को सही करने में उसका प्रभाव शत-प्रतिशत नहीं होगा।

गौरीगंज (अमेठी)। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन की ओर से आपूर्ति की गईं 65 हजार टैबलेट का सैंपल प्रयोगशाला में फेल हो गया है। इस संबंध में कारपोरेशन का पत्र आने के बाद जिला ड्रग वेयरहाउस की ओर से अस्पतालों को भेजी गई दवाओं को वापस मंगाने की कवायद शुरू कर दी गई है।

सितंबर 2021 में झटका (मिर्गी) की दवा क्लोबाजैम पांच एमजी की 65 हजार टैबलेट की आपूर्ति रिडेल लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड नरेला कांपलेक्स दिल्ली द्वारा की गई थी। आपूर्ति की गईं सभी टैबलेट का बैच नंबर सीएलओ-2101 था। जिला ड्रग वेयरहाउस पर आपूर्ति होने के बाद 300 टैबलेट का सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया।

24 हजार टैबलेट की आपूर्ति जिले के सरकारी अस्पतालों पर कर दी गई। 40,700 टैबलेट ड्रग वेयरहाउस के स्टॉक में मौजूद हैं। इसी बैच की आपूर्ति बरेली में भी हुई थी। वहां के ड्रग औषधि निरीक्षक ने मानसिक चिकित्सालय में मौजूद उक्त दवा का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट में उसका सैंपल फेल मिला है। सैंपल फेल होने की सूचना डीआई द्वारा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन को दी गई।

सूचना मिलते ही कारपोरेशन द्वारा उस बैच की आपूर्ति वाले जिलों को तत्काल मेल भेजकर अस्पतालों को वितरित की गईं दवाओं के वितरण पर रोक लगाते हुए उसे एकत्र कराकर वापस भेजने को कहा गया है। सूचना मिलते ही जिले के ड्रग वेयरहाउस प्रभारी डॉ. राजीव सौरभ ने सभी अस्पतालों को फोन व पत्र भेजकर तत्काल उन दवाओं का वितरण नहीं करने तथा तीन दिन के भीतर जिला ड्रग वेयरहायस पर वापस भेजने को कहा है।

सैंपल पास होने के बाद होता है वितरण

जिला ड्रग वेयरहाउस प्रभारी डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि जिन दवाओं की आपूर्ति मिलती है उसका सैंपल पास होने के बाद ही वितरण किया जाता है। कहा कि जिला स्तर पर जो दवाएं भेजी जाती हैं उनका सैंपल पास होने के बाद कारपोरेशन द्वारा पोर्टल पर उसे एक्टिव कर दिया जाता है। पोर्टल पर एक्टिव होने के बाद ही ड्रग वेयरहाउस से जिले की अस्पतालों में वितरण किया जाता है। बताया कि कारपोरेशन द्वारा पोर्टल पर एक्टिव होने के बाद ही वितरण किया गया था।

नहीं पड़ेगा कोई विपरीत प्रभाव

प्रभारी ने बताया कि जो दवाएं मरीजों को वितरित कर दी गई होंगी उसे खाने से उनके शरीर पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। कहा कि उस मर्ज को सही करने में उसका प्रभाव शत-प्रतिशत नहीं होगा।





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