बहुगुणा की वापिसी से वैश्य वर्ग को मिला खोया सम्मान

० नपा अध्यक्ष अनिल बहुगुणा का कितना देगा ब्राह्मण समाज

उरई ( जालौन) (.गोविंद सिंह दाऊ):- । आखिरकार वही हुआ जिसका लोग काफी अर्से से इंतजार कर रहे थे , खासकर वैश्य वर्ग जिन्हें भाजपा से अपना खोया सम्मान वापिस पाना था । जिस तरह फ़ोटो वायरल हो रही है उससे कयास लगाए जा रहे है कि उरई नगर पालिका के चुनाव में भाजपा से बागी होकर चुनाव लड़े और जीते नगर पालिका अध्यक्ष अनिल बहुगुणा की लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष ने वापिसी करा दी है । जिससे वैश्य वर्ग में खासा उत्साह देखा जा रहा है और साबित भी हो रहा है कि भाजपा का मूलभूत वोट बैंक अगर कोई है तो सिर्फ वैश्य वर्ग है अन्य कोई नही ।
हालांकि अगर पार्टी में बहुगुणा की वापिसी न भी होती तो वैश्य वर्ग के पास सिवाय भाजपा को वोट देने के अलावा कोई विकल्प भी नही था । अब जब अनिल बहुगुणा पार्टी में वापिस आ गए है तो एक प्रश्न भी उभरने लगा है कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी दिलीप दुबे को बागी होकर चुनाव हराने वाले नगर पालिका अध्यक्ष अनिल बहुगुणा को लोग कितना एडजस्ट कर पाएंगे । क्योंकि वैश्य वर्ग ने जिस तरह से एकजुट होकर अपनी ताकत का एहसास कराया और पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को करारी हार दिलवाई , उससे नगर में ब्राह्मण और वैश्य वर्ग में कभी न भरने वाली एक गहरी खाई ने जन्म ले लिया था । हालांकि पार्टी ने उन्हें अपना कर साबित कर दिया है कि अनुशासन से ज्यादा आज के दौर में एडजस्टमेंट की राजनीति हो रही है । लेकिन प्रश्न वही है कि नगर पालिका चुनाव में मिली करारी हार के बाद अधिकृत प्रत्याशी दिलीप दुबे के समर्थकों का कहना था कि अगर अनिल बहुगुणा को पार्टी में वापिस लिया गया तो पार्टी के पदाधिकारियों सहित तमाम कार्यकर्ता भी भाजपा से इस्तीफा दे देंगे तो क्या अब ब्राह्मण वर्ग के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जो पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की हार से क्षुब्ध थे वो इस्तीफा देना शुरू कर देंगे ? लेकिन शायद ऐसा न हो क्योंकि भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय भी ब्राह्मण वर्ग से ताल्लुक रखते है जब उन्होंने बहुगुणा को पार्टी में एडजस्ट कर लिया है तो शायद जनपद के ब्राह्मण वर्ग के नेता और कार्यकर्ता भी बहुगुणा से एडजस्टमेंट की राजनीति कर ले ।अब देखना ये है कि भाजपा जैसी अनुशासन प्रिय पार्टी के मुखिया की तर्ज पर एडजस्टमेंट की राजनीति से प्रेरित होकर जिले के ब्राह्मण नेता भी चलते है या इस्तीफों का दौर शुरू होता है।

इंसेट–

नगर आगमन पर बहुगुणा के स्वागत में नहीं दिखा ब्राह्मण समाज

उरई (जालौन)। नपा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी दिलीप दुवे का विरोध कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नगर पालिका उरई अध्यक्ष का चुनाव जीते अनिल बहुगुणा की भाजपा में वापसी के बाद प्रथम नगर आगमन पर उनके स्वागत में ब्राह्मण समाज ज्यादातर नदारद रहा केवल वैश्य समाज के कुछ लोग नजर आये। हांलाकि भाजपा कार्यालय के सामने भाजपा जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल ने बहुगुणा के गले में माला डालकर औपचारिकता भर निभाई।

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