दुकानदार को पटाखों का परीक्षण कराना महंगा पड़ा

० आग लगाने से आधा दर्जन बारूद की दुकानें जलकर राख

उरई (जालौन)(गोविंद सिंह दाऊ):-. । कस्बा कोंच में दीपाबली की पूजा के चंद घंटे पहले ही नगर में पटाखों गूंज आसमान में छाए धुयें को देख नगरबासी दहल गये यह धुँआ पटाखों की गूंज नगर के धनुताल के मैदान में रखी आतिशबाजी की दुकानो से आ रही थी जिनमे अचानक आग लग गयी थी इस आग में 6 दुकाने पूरी तरह से जल कर राख हो गयी उनमें बिक्री के लिए रखी लाखो की आतिशबाजी जल कर बर्बाद हो गयी दो बाइक भी जल गई मोके पर पहुची दमकलों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया।दिबाली पर आतिशबाजी की बिक्री के लिए प्रशासन ने नगर की सबसे सुरक्षित जगह धनुताल के मैदान में आतिशबाजी की दुकानो को रखने की अनुमति दी थी पुलिस प्रशासन ने कई बार दुकानों का स्थलीय निरीक्षण कर वहां अग्निशमन उपकरणों की जांच भी की थी लेकिन फिर भी अग्निकांड को टाला नही जा सका बुधबार को शाम जब अतिशबाजी की बिक्री चरम पर थी तभी अनिल बादशाह की दुकान में अचानक पटाखे की चिंगारी घुसी उसने दुकान में रखे पराखो में आग लगा दी चूंकि दुकाने आपस मे सती हुई थी और अस्थाई रूप से कपड़ा बल्ली गलाकर रखी गयी थी इस लिए देखते ही देखते आग सभी दुकानो में फैल गयी कुछ ही छड़ो में पूरी 6 दुकाने जल कर राख हो गयी एक दुकान से निकले राकेट ने वहां रह रहे गंगा प्रसाद और हर प्रसाद के घर मे आग लगा दी जिससे गंगा प्रसाद के घर मे बंधी तीन बकरियाँ जलकर मर गयी आग ने दोनों घरो की घर गृहस्थी को जला डाला घर मव रखी हर प्रसाद की दुकान भी जलकर नष्ट हो गयी।

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आधा दर्जन बाइके भी आग में जली
उरई । जिस समय पटाखों की दुकान में आग लगी उस समय पटाखे खरीदने गये लोगो की बाइके भी वहां खड़ी थी जिनमे आग लग गयी बाइके जिन लोगो की जली है उनके नाम जीतू यादव अनुराग गुप्ता बीरेन्द्र तथा बांकी बाइके दुकानदारो की थी।

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पटाखा परीक्षण करने पर लगी आग
उरई । कोंच के दुकानदार अपनी बारूद का परीक्षण कर तेज आवाज का सबूत ग्राहकों को दे रहे थे पटाखा परीक्षण के दौरान पटाखे से निकली चिंगारी अनिल बादशाह की दुकान में रखे पटाखों पर जा गिरी जिससे सारी दुकाने जलकर राख हो गयी मौके पर हरिश्चंद्र अमित अग्रवाल रमेश चन्द्र बीरेंद्र चौरसिया की दुकानों में 20 लाख रुपये का नुकसान बताया गया है मौके पर दमकल और पुलिस विभाग के अधिकारी स्थिति को नियंत्रण करने में लगे है।

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बारूद की दुकान पर सूखे टँगे रहे आग बुझाने बाला गैस सिलेंडर
उरई। खाली थे दुकानदारो के सिलेण्डर धनुताल पर रखी बारूद की दुकानों पर अग्निशमन यंत्रो का आभाव देखा गया दुकानदार आग बुझाने का सिलेंडर तो रखे हुए थे लेकिन वह खाली थी बाल्टियों में भी बालू को मात्रा कम थी जिस कारण समय रहते दुकानदार आग पर काबू नही पा सके हालांकि प्रशासन ने दुकानदारो को पर्याप्त अग्निशमन उपकरण होने का प्रमाण पत्र देकर बिक्री की अनुमति दे दी थी यह अनुमति किस आधार पर दी गयी इसकी चर्चा भी आज होती रही।

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दमकल ने मकान की आग बुझाने को दी प्राथमिकता
उरई ।सूचना पाकर आग बुझाने पहुची दमकल ने पहले हर प्रसाद उसके भाई गंगा प्रसाद के घर मे लगी आग बुझाने को प्राथमिकता दी दमकल जब तक उक्त घरो को आग बुझाती रही तब तक बारूद की दुकानें जलती रही दमकल वहां कब पहुची तब उसका पानी समाप्त हो चुका था जिसे लेकर दुकानदार दमकल कर्मियों और प्रशासन पर झल्लाते रहे।

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