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औरैया। शहर के 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में गुरुवार दोपहर एडीएम रेखा एस चौहान निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन के कागजात चेक किए और गर्भवती महिलाओं को दर्द से कराहते देख एडीएम ने स्टॉफ नर्स को फटकार लगाई। तब जाकर स्टॉफ नर्स ने अंदर खाली पड़े बेड में गर्भवतियों को लिटाया।
अल्ट्रासाउंड के संचालन की कवायद तेज हो गई है। अगस्त माह के दूसरे सप्ताह तक 50 शैया में यह सुविधा चालू होनी है। नए लाइसेंस के लिए प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। गुरुवार को अस्पताल पहुंचीं एडीएम रेखा एस चौहान ने अल्ट्रासाउंड कक्ष का ताला खुलवाया। मशीन की स्थिति देखी और उसके कागजात चेक किए। साथ में 50 शैया अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. अशोक कुमार व डिप्टी सीएमओ बीपी शाक्य भी थे। एडीएम ने दोनों डॉक्टरों से रेडियोलॉजिस्ट मिलने के संबंध में पूछताछ की।
इसके बाद एडीएम अल्ट्रासाउंड कक्ष से बाहर निकलीं तो उन्हें कुछ गर्भवती महिलाएं दर्द से कराहती बाहर बैठी मिलीं। यह देख एडीएम प्रसूता कक्ष के अंदर पहुंची तो एक रूम में स्टॉफ नर्स खाना खाते मिली। स्टॉफ नर्स से पूछताछ कर एंट्री रजिस्टर चेक करने के बाद प्रसव कक्ष का निरीक्षण किया। यहां पर बेड खाली देख एडीएम ने स्टॉफ नर्स को फटकार लगाई। साथ ही दर्द से कराह रहीं गर्भवतियों को बेड पर लिटाने का निर्देश दिया।
एडीएम ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के लिए रेडियोलॉजिस्ट मिल गए है। मशीन का ऑनलाइन पंजीकरण होने के बाद मरीजों के लिए चालू कर दी जाएगी। 50 शैया में अल्ट्रासाउंड मशीन चालू होने पर अन्य मरीजों के साथ ही गर्भवती महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। बता दें कि 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड मशीन करीब आठ सालों से खराब पड़ी थी। इसी साल जनवरी माह में तैनात हुए सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन एक डिब्बे में बंद पाई थी। उसके बाद से उन्होंने इसे शुरू कराने की कवायद शुरू की।

अल्ट्रासाउंड कक्ष से बाहर निकलतीं एडीएम रेखा एस चौहान। संवाद

अल्ट्रासाउंड कक्ष से बाहर निकलतीं एडीएम रेखा एस चौहान। संवाद– फोटो : AURAIYA

औरैया। शहर के 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में गुरुवार दोपहर एडीएम रेखा एस चौहान निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन के कागजात चेक किए और गर्भवती महिलाओं को दर्द से कराहते देख एडीएम ने स्टॉफ नर्स को फटकार लगाई। तब जाकर स्टॉफ नर्स ने अंदर खाली पड़े बेड में गर्भवतियों को लिटाया।

अल्ट्रासाउंड के संचालन की कवायद तेज हो गई है। अगस्त माह के दूसरे सप्ताह तक 50 शैया में यह सुविधा चालू होनी है। नए लाइसेंस के लिए प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। गुरुवार को अस्पताल पहुंचीं एडीएम रेखा एस चौहान ने अल्ट्रासाउंड कक्ष का ताला खुलवाया। मशीन की स्थिति देखी और उसके कागजात चेक किए। साथ में 50 शैया अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. अशोक कुमार व डिप्टी सीएमओ बीपी शाक्य भी थे। एडीएम ने दोनों डॉक्टरों से रेडियोलॉजिस्ट मिलने के संबंध में पूछताछ की।

इसके बाद एडीएम अल्ट्रासाउंड कक्ष से बाहर निकलीं तो उन्हें कुछ गर्भवती महिलाएं दर्द से कराहती बाहर बैठी मिलीं। यह देख एडीएम प्रसूता कक्ष के अंदर पहुंची तो एक रूम में स्टॉफ नर्स खाना खाते मिली। स्टॉफ नर्स से पूछताछ कर एंट्री रजिस्टर चेक करने के बाद प्रसव कक्ष का निरीक्षण किया। यहां पर बेड खाली देख एडीएम ने स्टॉफ नर्स को फटकार लगाई। साथ ही दर्द से कराह रहीं गर्भवतियों को बेड पर लिटाने का निर्देश दिया।

एडीएम ने बताया कि अल्ट्रासाउंड के लिए रेडियोलॉजिस्ट मिल गए है। मशीन का ऑनलाइन पंजीकरण होने के बाद मरीजों के लिए चालू कर दी जाएगी। 50 शैया में अल्ट्रासाउंड मशीन चालू होने पर अन्य मरीजों के साथ ही गर्भवती महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। बता दें कि 50 शैया संयुक्त जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड मशीन करीब आठ सालों से खराब पड़ी थी। इसी साल जनवरी माह में तैनात हुए सीएमएस डॉ. राजेश मोहन गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन एक डिब्बे में बंद पाई थी। उसके बाद से उन्होंने इसे शुरू कराने की कवायद शुरू की।

अल्ट्रासाउंड कक्ष से बाहर निकलतीं एडीएम रेखा एस चौहान। संवाद

अल्ट्रासाउंड कक्ष से बाहर निकलतीं एडीएम रेखा एस चौहान। संवाद– फोटो : AURAIYA



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