उत्तर प्रदेश कानपुर

अमेठी के बाद बिधनू में दलित प्रधान पर जानलेवा हमला, भाजपा का समर्थन करने पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गठबंधन के लोगों ने

न्योरी गांव के पास दबंगों ने ग्राम प्रधान को घेरा और डंडे व हॉकी से कर दिया हमला, बचाने के लिए ग्रामीण आए तो उन्हें भी पीठा, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया मुकदामा।

कानपुर। अमेटी में भाजपा उम्मीदवार स्मृति इरानी के पक्ष में प्रचार करने के कारण आरोपियों ने पूर्व ग्रामप्रधान की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अभी वहां मामला थामा नहीं था कि कानपुर के बिधनू थानाक्षेत्र में ग्रामप्रधान को विपक्षियों ने घेर लिया और लाठी-डंडों से उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। मृत समझ कर आरोपी मौके से भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस नेघायल प्रधान को अस्पताल में एडमिट कराया मुकदमा दर्ज कर लिया है।

न्यूरी गांव में घेरा

बिधनू थानाक्षेत्र के गढ़ेवा मोसिमपुर गांव निवासी ग्राम प्रधान इंद्रपाल पासवान लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी देवेंद्र सिंह भोले के पक्ष में प्रचार किया। अपने समाज व गांव के अन्य ग्रामीणों के वोट भी भाजपा के पक्ष में करवाया। ग्राम प्रधान इंद्रपाल देरशाम नौबस्ता से अपने गांव जा रहे थे। न्यूरी गांव चौराहे के पास कल्लू यादव, विकास यादव मोहित यादव, सानू यादव, रोहित यादव ने उन्हें घेर लिया और जातिसूचक गालियां देते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। सिर पर लाठी लगने से लहूलुहान होकर वह गिर पड़े। ग्राम प्रधान को बचाने के लिए कुंवर पाल, किशनपाल, संदीप सहित अन्य ग्रामीण दौड़े तो दबंगों ने उन पर भी हमला कर दिया। सभी को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

मृत समझ कर भागे आरोपी

ग्राम प्रधान को मृत समझ कर आरोपी मौके से भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया है। डाक्टरों ने ग्राम प्रधान को गंभीर हालत में उर्सला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने ग्राम प्रधान की हालत ठीक बताई। इस बीच ग्राम प्रधान ने आरोप लगाते हुए बताया कि न्यूरी गांव निवासी कल्लू यादव, विकास यादव मोहित यादव, सानू यादव, रोहित यादव गठबंधन प्रत्याशी के लिए वोट मांगने और प्रचार करने का दबाव बना रहे थे और चुनाव बाद देख लेने की धमकी दी थी। इसके बावजूद हम भाजपा के लिए लोगों से वोट की अपील करता रहे। मतगणना के बाद आरोपियों ने हमें पहले गांव में घुसकर मारने का प्लान बनाया, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। आरोपी के सिर पर समाजवादी पार्टी और बसपा के कददावर नेताओं का हाथ हैं।

पीएम के नाम पर पड़े वोट

ग्राम प्रधान ने बताया कि हमले के बाद पूरा परिवार घर छोड़कर रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। ग्राम प्रधान ने आरोप लगाते हुए कहा कि दबंगों का इलाके में वर्चस्त है और उनके कहनें पर पहले ग्रामीण वोट करते आ रहे थे। लेकिन 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में दलित समाज का एक बड़ा वर्ग खुलकर सामनें आ गया, जिससे दबंग आगबबूला हो गए। गठबंधन उम्मीदवार निशा सचान को वोट नहीं देने पर ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी भी दी। मामले पर थाना प्रभारी अनुराग सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर बलवा, मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पांचों आरोपितों की तलाश की जा रही है।

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