० भूसा दान यात्रा में ग्रामीणों ने भी लिया बढ़चढ़ कर हिस्सा
उरई (जालौन)।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि शासन के दिशा निर्देशों के अंतर्गत डकोर विकासखंड के कुकरगांव से भूसा दान यात्रा का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा व जन सहभागिता से गौशालाओं में विभिन्न पशुओं के लिए भूसा का प्रबंध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का मुख्य मकसद गांव-गांव जाकर भूसा एकत्रित करना है, जिससे एकत्रित भूसे को गौशालाओं तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि भूसा दान यात्रा प्रत्येक ग्राम पंचायत व मजरे में जाकर भूसा एकत्रित करेगी और उन्हें गौशालाओं तक पहुंचाया जाएगा जिससे भूसे की कमी के कारण कोई भी मवेशी भूखा न रहे। डकोर

प्रियंका निरंजन जिला अधिकारी जनपद जालौन

विकासखंड के कुकरगांव से शुरू हुई इस भूसा दान यात्रा में स्कूली बच्चों के साथ-साथ किसानों ने भी साथ दिया, जिन्होंने पूरे गांव में जाकर लोगों को जागरूक किया और भूसा दान करने की अपील की। इस दौरान भूसा दान करने में किसान आगे आए और उन्होंने जिलाधिकारी के साथ चल रही ट्रैक्टर ट्रॉली में भूसा दान दिया, साथ ही जिलाधिकारी को आश्वासन दिया कि गांव में बनी गौशाला में भूसे की कोई भी कमी नहीं रहने देंगे। इस दौरान उन्होंने भूसा दान करने वाले किसानों को सम्मानित किया इस सम्मान में महिलाएं भी शामिल थी।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि शासन के निर्देश पर इस भूसा दान यात्रा का शुभारंभ किया गया है, जिलाधिकारी ने कहा कि भूसा दान करने के लिए प्रधानों के माध्यम से किसानों एवं अन्य लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि गोशाला पर भूसा भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी ने इसके अलावा खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि ग्राम प्रधानों के माध्यम से लोगों को जागरूक कर अधिक भूसा दान करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि कोई भी छुट्टा पशु सड़क पर न घूमे। जो अन्ना जानवर घूम रहे हैं उन्हें उसे गोशाला में पहुंचाया जाये, वही यह भूसा दान यात्रा जनपद की सभी 574 ग्राम पंचायत और मजरों से निकलेगी जा रही है। उन्होंने 574 ग्राम पंचायतों में से सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में 100 कुंटल छोटी ग्राम पंचायत से 50 कुंटल का भूसा दान हेतु प्रेरित भी किया जाए। इस दौरान कुकरगांव भुसा दान यात्रा में 48 ग्राम वासियों द्वारा लगभग 35 कुंटल भूसा दान किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है आप सीधे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान, सचिव, खंड विकास अधिकारी, सहायक पंचायत अधिकारी आदि भूसा दान के लिये प्रेरित करेंगे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण वासियों से वार्ता की ग्रामीण वासियों ने जिलाधिकारी को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इनकी समस्याओं को 2 दिन के अंदर समाधान किया जाए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

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