(उरई जालौन) नदीगांव में चल रहे महायज्ञ, भागवत कथा मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह में शामिल होने के लिए अभिमन्यु सिंह परिहार ने ग्राम वासियों का नेतृत्व करते हुए मुख्यमंत्री से भेंट की व उन्हें इस कार्यक्रम में आने का न्यौता भी दिया। जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका व ग्राम वासियों का धन्यवाद देते हुए अपने व्यस्ततम कार्यक्रमों व मीटिंगों के हिसाब से समय मिलने पर आने की बात कही। जिला जालौन नदीगांव में 5 नवंबर से सहस्त्र चण्डी महायज्ञ की शुरुआत होने के बाद दूसरे दिन श्री मद भागवत कथा की शुरुआत हो गई। जिसमें रावतपुरा सरकार रविशंकर जी महाराज भी पधारे। जहां भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया। श्री रावतपुरा सरकार ने श्री भागवत पुराण को नमन करते हुए अपना स्थान ग्रहण किया फिर भक्तजनों को आशीर्वचन देते हुये रावतपुरा सरकार ने कहा कि स्वयं को माचिश की तीली समझे और स्वयं को सरोवर जैसा बनाये, जिसमें अंगार फेंकने पर भी बूझ जाता है, मनुष्य कार्य से नहीं थकता, बल्कि वह क्रोध और चिंता के कारण थक जाता है। भगवान श्रीकृष्ण भी इसी बात का उल्लेख भागवत गीता में कहा था, जहां उन्होंने बताया था कि काम, क्रोध व लोभ ये तीनों नरक के द्वार है, व्यक्ति को पतन की ओर ले जाते है, इसलिये सुखी जीवन के लिये इन तीनों का त्याग कर देना चाहिये, कहने का आशय है कि क्रोध पर नियंत्रण रखे, इससे स्वयं भी बचे व दूसरों को भी बचाये, जिससे कल्याण होना तय है। इसके बाद उन्होंने मां हरिशंकरी माता के दर्शन किये और यज्ञशाला की परिक्रमा की। इसी दौरान वहां उपस्थित लोगों ने रावतपुरा सरकार का आशीर्वाद प्राप्त किया और अभिमन्यु सिंह परिहार उर्फ डिम्पल दद्दा ने उनको माँ हरिशंकरी देवी की तस्वीर भेंट कर उनका सम्मान किया। आपको बता दें कि 5 नवंबर से शरू हुआ यह महायज्ञ 14 नवंबर को संपन्न होगा। इसके अलावा देवी भागवत कथा 5 नंवबर से प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक होगी जो कि 13 नंवबर तक चलेगी। इसके साथ ही श्री राम कथा/संत प्रवचन भी 13 नवंबर तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक सुनाई जाएगी। इस के अलावा रात्रि 8 बजे से रासलीला भी होगी जो कि 13 नवंबर तक चलेगी। इसी कार्यक्रम की अधिक जानकारी देते हुए अभिमन्यु सिंह परिहार ने बताया कि यह महायज्ञ एवं भागवत कथा समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से कराई जा रही है जिसमें हजारों लोगों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है व केंद्रीय मंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा की मौजूदगी में कलश यात्रा निकाली गई और देश के जाने माने पूजनीय संतों एवं विद्वान पंडितों द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जा रहा है। यज्ञाचार्य पंडित राज आचार्य श्री अजय चतुर्वेदी जी (काशी) , श्री देवी कथा भागवत व्यास परम् पूज्य श्री हरिनारायणचार्य जी महाराज, एवं परम् पूज्य रसिक संत श्री श्री 1008 महंत स्वामी श्री किशोरदास देव जू महाराज (वृंदावन), अनन्त श्री श्री विभूषित जगतगुरु रामानंदाचार्य कामदगिरि पीठाधीश्वर स्वामी रामस्वरूपाचार्य जी महाराज (कामतानाथ प्रमुख द्वार चित्रकूट) की पावन उपस्थित में यह महायज्ञ हो रहा है। इसके अलावा 14 नवंबर को 151 मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह संपन्न होगा जिसमें सर्व समाज के बेटे बेटियां एक दूसरे के साथ विवाह के बंधन में बंध जाएंगे।

पर्वत सिंह बादल उरई जालौन रिपोर्ट

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