अमरइया पुरवा में हमलावरों के घर के बाहर तैनात पीएसी और पुलिस।

अमरइया पुरवा में हमलावरों के घर के बाहर तैनात पीएसी और पुलिस।
– फोटो : BANDA

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बबेरू। कोतवाली क्षेत्र के बेर्रांव गांव के मजरा अमरइया पुरवा में हुए दोहरे हत्याकांड के फरार पांच आरोपी 48 घंटे बाद भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की तीन टीमें लगी हैं। एसपी ने एसओजी को लगा दिया है। दावा किया जा रहा है कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए 12 ठिकानों पर दबिश दी गई।
देवोत्थान एकादशी यानी शुक्रवार की रात करीब 10 बजे अमरइया पुरवा गोलियां तड़तड़ा उठी थीं। इसमें पड़ोसी छोटेलाल और शारदा की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी। दो अन्य परिजन करन और अवधेश घायल हो गए थे। उनका रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है।
पुलिस ने पिता नत्थू की लाइसेंसी एकनली बंदूक से ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी रामभजन को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। उसके भाई और एक अन्य आरोपी को भी दबोच लिया, जबकि इस घटना में आठ नामजद हैं।
दोहरे हत्याकांड के पांच आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं सकी।
बताया गया है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए एसपी ने पुलिस की तीन टीमों के अलावा एसओजी को लगा दिया है। शनिवार की रात से रविवार को दोपहर तक गांव और रिश्तेदारों के घरों समेत 12 जगहों पर छापा मारा, लेकिन फरार आरोपी हाथ नहीं लगे।
मृतकों के परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी रामभजन सहित तीन के पकड़े जाने के बाद पुलिस अब ज्यादा सक्रिय नहीं है। आरोपियों के जिले से बाहर भाग निकलने की बात कही।
अमरइया पुरवा में दोहरे हत्याकांड की घटना से मृतकों के परिजनों में रोष है। तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर मृतक और हमलावरों के घरों के आसपास पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि गांव में एक प्लाटून पीएसी तैनात है। इसके अलावा बबेरू समेत कमासिन, मरका और बिसंडा थाना पुलिस को भी तैनात किया गया है।
बंदूक में अगर कारतूस न फंसता तो शायद और लोग भी मारे जाते। यह कहना है कि हमलावर के पड़ोसियों का। जो फायरिंग के दौरान दहशत में घरों में छिप गए थे और लुकछिप कर घटना देख रहे थे। उनका कहना है कि रामभजन नशे की हालत में था। पिता की लाइसेंसी 12 बोर बंदूक से एक के बाद एक गोली चला रहा था। पांचवें राउंड के फायर के दौरान कारतूस बंदूक में फंस गया। रामभजन कारतूस निकालने की कोशिश करने लगा, लेकिन देर तक कारतूस नहीं निकाल पाया। मृतक के परिजनों के गुस्से का शिकार होने की आशंका पर रामभजन बंदूक के साथ भाग निकला।

अंतिम संस्कार के दौरान खेत में मौजूद शोकग्रस्त परिजन और ग्रामीण।

अंतिम संस्कार के दौरान खेत में मौजूद शोकग्रस्त परिजन और ग्रामीण।– फोटो : BANDA

बबेरू। कोतवाली क्षेत्र के बेर्रांव गांव के मजरा अमरइया पुरवा में हुए दोहरे हत्याकांड के फरार पांच आरोपी 48 घंटे बाद भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की तीन टीमें लगी हैं। एसपी ने एसओजी को लगा दिया है। दावा किया जा रहा है कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए 12 ठिकानों पर दबिश दी गई।

देवोत्थान एकादशी यानी शुक्रवार की रात करीब 10 बजे अमरइया पुरवा गोलियां तड़तड़ा उठी थीं। इसमें पड़ोसी छोटेलाल और शारदा की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी। दो अन्य परिजन करन और अवधेश घायल हो गए थे। उनका रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है।

पुलिस ने पिता नत्थू की लाइसेंसी एकनली बंदूक से ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी रामभजन को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। उसके भाई और एक अन्य आरोपी को भी दबोच लिया, जबकि इस घटना में आठ नामजद हैं।

दोहरे हत्याकांड के पांच आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस उन्हें ढूंढ नहीं सकी।

बताया गया है कि उनकी गिरफ्तारी के लिए एसपी ने पुलिस की तीन टीमों के अलावा एसओजी को लगा दिया है। शनिवार की रात से रविवार को दोपहर तक गांव और रिश्तेदारों के घरों समेत 12 जगहों पर छापा मारा, लेकिन फरार आरोपी हाथ नहीं लगे।

मृतकों के परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी रामभजन सहित तीन के पकड़े जाने के बाद पुलिस अब ज्यादा सक्रिय नहीं है। आरोपियों के जिले से बाहर भाग निकलने की बात कही।

अमरइया पुरवा में दोहरे हत्याकांड की घटना से मृतकों के परिजनों में रोष है। तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर मृतक और हमलावरों के घरों के आसपास पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि गांव में एक प्लाटून पीएसी तैनात है। इसके अलावा बबेरू समेत कमासिन, मरका और बिसंडा थाना पुलिस को भी तैनात किया गया है।

बंदूक में अगर कारतूस न फंसता तो शायद और लोग भी मारे जाते। यह कहना है कि हमलावर के पड़ोसियों का। जो फायरिंग के दौरान दहशत में घरों में छिप गए थे और लुकछिप कर घटना देख रहे थे। उनका कहना है कि रामभजन नशे की हालत में था। पिता की लाइसेंसी 12 बोर बंदूक से एक के बाद एक गोली चला रहा था। पांचवें राउंड के फायर के दौरान कारतूस बंदूक में फंस गया। रामभजन कारतूस निकालने की कोशिश करने लगा, लेकिन देर तक कारतूस नहीं निकाल पाया। मृतक के परिजनों के गुस्से का शिकार होने की आशंका पर रामभजन बंदूक के साथ भाग निकला।

अंतिम संस्कार के दौरान खेत में मौजूद शोकग्रस्त परिजन और ग्रामीण।

अंतिम संस्कार के दौरान खेत में मौजूद शोकग्रस्त परिजन और ग्रामीण।– फोटो : BANDA





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