फोटो 04 बीएनडीपी 17- कृषि विश्व विद्यालय में खेती का मॉडल देखते राज्यमंत्री रामकेश निषाद। संवाद

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– फोटो : BANDA

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बांदा। कृषि मेले में शुक्रवार को जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेेश निषाद ने कहा कि बुंदेलखंड में जलवायु परिवर्तन के कारण पलायन शुरू हुआ है। पलायन किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। किसानों और युवाओं को खेती से जोडना होगा। इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। ललितपुर, महोबा, झांसी और चित्रकूट के किसान प्राकृतिक विधि से ही खेती कर रहे हैं। इस क्षेत्र को प्राकृतिक खेती का हब बनाया जा सकता है।
विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. प्रिया अवस्थी, डॉ. अमित कुमार मिश्रा, डॉ. अमित कुमार सिंह, केएस तोमर व डॉ. महरूफ अहमद ने भी कृषि के विकास को लेकर अहम जानकारियां दी। अपेडा महाप्रबंधक वीके विद्यार्थी ने प्राकृतिक खेती करने पर जोर दिया। कुलपति प्रोफेसर नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड में चित्रकूट को केंद्र बनाकर पर्यटन विकसित किया जाए। इससे किसानों को आमदनी व तकनीकी विकास में मदद मिलेगी। समिति अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह, सह अध्यक्ष डॉ. जगन्नाथ पाठक, डॉ. दिनेश शाह, सदस्य सचिव डॉ. अमित कुमार सिंह रहे।
बकरी पालन की कार्यशाला में दी जानकारी
बांदा। बकरी पालन की वैज्ञानिक विधि का कार्यशाला रखा गया। कार्यशाला का आयोजन केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मकदूम, मथुरा द्वारा आयोजित किया गया। इसमें लगभग 100 किसान उपस्थित रहे। वैज्ञानिक डॉ. एके दीक्षित, डॉ. मनोज अवस्थी, उपनिदेशक पशुपालन रहे। अध्यक्षता निदेशक प्रसार डॉ. एनके बाजपेयी ने की।

बांदा। कृषि मेले में शुक्रवार को जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेेश निषाद ने कहा कि बुंदेलखंड में जलवायु परिवर्तन के कारण पलायन शुरू हुआ है। पलायन किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। किसानों और युवाओं को खेती से जोडना होगा। इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। ललितपुर, महोबा, झांसी और चित्रकूट के किसान प्राकृतिक विधि से ही खेती कर रहे हैं। इस क्षेत्र को प्राकृतिक खेती का हब बनाया जा सकता है।

विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. प्रिया अवस्थी, डॉ. अमित कुमार मिश्रा, डॉ. अमित कुमार सिंह, केएस तोमर व डॉ. महरूफ अहमद ने भी कृषि के विकास को लेकर अहम जानकारियां दी। अपेडा महाप्रबंधक वीके विद्यार्थी ने प्राकृतिक खेती करने पर जोर दिया। कुलपति प्रोफेसर नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड में चित्रकूट को केंद्र बनाकर पर्यटन विकसित किया जाए। इससे किसानों को आमदनी व तकनीकी विकास में मदद मिलेगी। समिति अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह, सह अध्यक्ष डॉ. जगन्नाथ पाठक, डॉ. दिनेश शाह, सदस्य सचिव डॉ. अमित कुमार सिंह रहे।

बकरी पालन की कार्यशाला में दी जानकारी

बांदा। बकरी पालन की वैज्ञानिक विधि का कार्यशाला रखा गया। कार्यशाला का आयोजन केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मकदूम, मथुरा द्वारा आयोजित किया गया। इसमें लगभग 100 किसान उपस्थित रहे। वैज्ञानिक डॉ. एके दीक्षित, डॉ. मनोज अवस्थी, उपनिदेशक पशुपालन रहे। अध्यक्षता निदेशक प्रसार डॉ. एनके बाजपेयी ने की।





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