धुंध के बीच गुजरते लोग।

धुंध के बीच गुजरते लोग।
– फोटो : BANDA

ख़बर सुनें

बांदा। दीपावली पर फोड़े गए पटाखों, पंजाब और हरियाणा में जलाई जा रही पराली के धुएं का असर चित्रकूटधाम मंडल में भी दिखने लगा है। सुबह-शाम ठंड से वायु मंडल में दबाव के चलते प्रदूषण साफ नहीं हो रहा है। नतीजतन चारों जिलों का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) लगभग 250 माइक्रो घनमीटर पार पहुंच गया है, जो लोगों की सेहत के लिए खतरनाक है।
वायु प्रदूषण की वजह से चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिले की हवा जहरीली होती जा रही है। खासकर सुबह छह से नौ और शाम सात से 11 बजे तक छा रही धुंध ने एक्यूआई बढ़ा दिया है। मौसम वेबसाइट के मुताबिक रविवार को चित्रकूट जिले का एक्यूआई 266 माइक्रो घनमीटर रहा, जो मंडल में सबसे ज्यादा था।
दूसरे नंबर पर हमीरपुर, तीसरे पर महोबा और चौथे नंबर पर बांदा जिले के एक्यूआई रहा। एक्यूआई 200 के पार होने पर स्थिति चिंताजनक मानी जाती है, लेकिन क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड फिलहाल इसे गंभीर स्थिति की श्रेणी में नहीं मान रहा है।
चित्रकूटधाम मंडल में एक्यूआई का ब्योरा
जिला एक्यूआई
बांदा 252
चित्रकूट 266
हमीरपुर 257
महोबा 250
चार्ट-2
एक्यूआई की श्रेणियां
0-50 : अच्छा
51-100 : संतोषजनक
101-200 : मध्यम रूप से प्रदूषित
201-300 : खराब (सांस व हृदय रोगियों के लिए परेशानी)
301-400 : बहुत खराब
401-500 : गंभीर
धूल-धुंध से बढ़े 15 फीसदी मरीज
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. हृदय पटेल और ट्रॉमा सेंटर चिकित्साधिकारी डॉ. विनीत सचान ने बताया कि करीब 15 फीसदी मरीज सांस और हृदय रोग के बढ़े हैं। डॉ. पटेल ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 20-25 मरीज सांस और 15-20 रोगी हृदय रोग के आ रहे हैं। डॉ. सचान ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में रोजाना 10-12 मरीज सांस के भर्ती हो रहे हैं। हृदय रोग के 7-8 मरीज रोजाना इलाज को आ रहे हैं। इसकी मुख्य वजह धूल, धुआं और धुंध आदि है।
वायु प्रदूषण बढने के तीन प्रमुख कारण हैं। पहला किसानों द्वारा पराली जलाने से उठ रहा धुआं हवा के प्रवाह से प्रदूषण बढ़ गया है। दूसरा ठंड में नमी और वायु दबाव से धूल, धुआं ऊपर पहुंचने की बजाय नीचे रह जाता है। तीसरा आटो मोबाइल है। इन्हीं कारणों से एक्यूआई बढ़ जाता है। फिलहाल मंडल के चारों जनपदों में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक नहीं है।- राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय प्रबंधक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बांदा।

बांदा। दीपावली पर फोड़े गए पटाखों, पंजाब और हरियाणा में जलाई जा रही पराली के धुएं का असर चित्रकूटधाम मंडल में भी दिखने लगा है। सुबह-शाम ठंड से वायु मंडल में दबाव के चलते प्रदूषण साफ नहीं हो रहा है। नतीजतन चारों जिलों का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) लगभग 250 माइक्रो घनमीटर पार पहुंच गया है, जो लोगों की सेहत के लिए खतरनाक है।

वायु प्रदूषण की वजह से चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिले की हवा जहरीली होती जा रही है। खासकर सुबह छह से नौ और शाम सात से 11 बजे तक छा रही धुंध ने एक्यूआई बढ़ा दिया है। मौसम वेबसाइट के मुताबिक रविवार को चित्रकूट जिले का एक्यूआई 266 माइक्रो घनमीटर रहा, जो मंडल में सबसे ज्यादा था।

दूसरे नंबर पर हमीरपुर, तीसरे पर महोबा और चौथे नंबर पर बांदा जिले के एक्यूआई रहा। एक्यूआई 200 के पार होने पर स्थिति चिंताजनक मानी जाती है, लेकिन क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड फिलहाल इसे गंभीर स्थिति की श्रेणी में नहीं मान रहा है।

चित्रकूटधाम मंडल में एक्यूआई का ब्योरा

जिला एक्यूआई

बांदा 252

चित्रकूट 266

हमीरपुर 257

महोबा 250

चार्ट-2

एक्यूआई की श्रेणियां

0-50 : अच्छा

51-100 : संतोषजनक

101-200 : मध्यम रूप से प्रदूषित

201-300 : खराब (सांस व हृदय रोगियों के लिए परेशानी)

301-400 : बहुत खराब

401-500 : गंभीर

धूल-धुंध से बढ़े 15 फीसदी मरीज

जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. हृदय पटेल और ट्रॉमा सेंटर चिकित्साधिकारी डॉ. विनीत सचान ने बताया कि करीब 15 फीसदी मरीज सांस और हृदय रोग के बढ़े हैं। डॉ. पटेल ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 20-25 मरीज सांस और 15-20 रोगी हृदय रोग के आ रहे हैं। डॉ. सचान ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में रोजाना 10-12 मरीज सांस के भर्ती हो रहे हैं। हृदय रोग के 7-8 मरीज रोजाना इलाज को आ रहे हैं। इसकी मुख्य वजह धूल, धुआं और धुंध आदि है।

वायु प्रदूषण बढने के तीन प्रमुख कारण हैं। पहला किसानों द्वारा पराली जलाने से उठ रहा धुआं हवा के प्रवाह से प्रदूषण बढ़ गया है। दूसरा ठंड में नमी और वायु दबाव से धूल, धुआं ऊपर पहुंचने की बजाय नीचे रह जाता है। तीसरा आटो मोबाइल है। इन्हीं कारणों से एक्यूआई बढ़ जाता है। फिलहाल मंडल के चारों जनपदों में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक नहीं है।- राजेंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय प्रबंधक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बांदा।





Source link

0Shares

ताज़ा ख़बरें

%d bloggers like this: