आगरा के सिकंदरा रेलवे ओवरब्रिज पर सोमवार शाम को हुए हादसे ने लोगों को दहला दिया। ओवरब्रिज पर नगर निगम की कूड़ा गाड़ी की टक्कर से बुलेट सवार रोहित उछलकर 30 फीट नीचे सड़क पर जा गिरा। सड़क पर गिरते ही उसका सिर फट गया। मौके पर उसकी ही मौत हो गई। उसका चचेरा भाई सचिन भी बाइक पर उसके साथ था। वह पुल पर ही रह गया। वह गंभीर घायल हुआ है। 

हादसा इतना भयावह था कि जिसने भी देखा उसके रौंगटे खड़े हो गए। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। इस पर जाम लग गया। पुलिस ने रास्ता साफ कराया। घटनास्थल के पास ही हनुमानजी जी का मंदिर है। इसके पुजारी भोला शंकर ने बताया कि जोर से गिरने की आवाज आई थी। वह मंदिर से बाहर आए तो युवक पड़ा हुआ था। उसके खून निकल रहा था। पुल पर एक युवक घायल पड़ा था। बाइक से उछलकर युवक नीचे गिरा था। उसके सिर से खून निकल रहा था। 

किरावली के गांव पुरामना निवासी रोहित (23) पुत्र विजय सिंह और सचिन उर्फशेखर (22) पुत्र रामवीर शहर आए थे। दोनों को एक कोचिंग में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के संबंध में बात करनी थी। शाम को लौटते समय सचिन बाइक चला रहा था, रोहित पीछे बैठा था। सिकंदरा ओवरब्रिज पर सामने से आ रही कूड़ा गाड़ी ने बाइक को टक्कर मार दी। 

थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही ने बताया कि टक्कर से बाइक सवार रोहित उछला और पुल की रेलिंग पार करता हुआ 30 फीट नीचे सड़क पर सिर के बल गिरा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सचिन के सिर और पैर में चोट लगी। वह बाइक सहित पुल पर ही गिर गया। हादसे के बाद चालक गाड़ी छोड़ाकर भाग गया। 

 

परिजन ने बताया कि रोहित के पिता विजय सिंह दरोगा हैं। वह अलीगढ़ में तैनात हैं। विजय के तीन बच्चे हैं। इनमें रोहित बड़ा था। वहीं दो बेटी 20 साल की रितु और 14 साल की रिचा है। रोहित ने बीए किया था। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। चचेरा भाई सचिन ने बीटीसी कर रखी है। अब तैयारी करना चाहता है। हादसे की जानकारी जब घर पहुंची तो रोहित की मां गुड्डी देवी बेहोश हो गईं। बहनों का हाल बेहाल हो गया। पिता भी रोये जा रहे थे। 

 

शहर में यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी पुल पर हादसे हो चुके हैं। गुरुद्वारा गुरु का ताल आरओबी पर कुछ साल पहले बाइक सवार दो युवक गिर गए थे। इनमें से एक की मौत हो गई थी। वहीं सिकंदरा आरओबी पर बाइक सवार युवक गिर गया था। वह घायल हो गया था। लोगों का कहना है कि पुल की रेलिंग छोटी है। ऐसे में कोई टकराता है तो सीधे नीचे गिरता है। पुल की दीवार बड़ी की जाए, साउंड शीट या जाली लगाई जाएं तो हादसों से बचा जा सकता है। 





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