किसान मेला में स्टॉल का जायजा लेते हमीरपुर विधायक और डीएम अनुराग पटेल आदि।

किसान मेला में स्टॉल का जायजा लेते हमीरपुर विधायक और डीएम अनुराग पटेल आदि।
– फोटो : BANDA

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बांदा। बुंदेलखंड पर केंद्र और प्रदेश सरकार का पूरा ध्यान है। कृषि विश्वविद्यालय बुंदेलखंड में कृषि के लिए वरदान है। यहां मत्स्य महाविद्यालय शुरू कराने के लिए वह सरकार से सिफारिश करेंगे। यह बात किसान मेला में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कही। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने की नसीहत दी।
गुरुवार से शुरू हुए तीन दिवसीय किसान मेला का उद्घाटन हमीरपुर विधायक मनोज प्रजापति ने किया। कहा कि बुंदेलखंड के किसान परिस्थिति के अनुसार खेती में बदलाव कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती में आयोजित किसान मेला किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा। कहा कि कृषि वैज्ञानिक पायलट प्रोजेक्ट तैयार कर तकनीक का विस्तार करें और किसानों को शिक्षित करें। किसानों को वैज्ञानिक बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी कुलपति डॉ.एके सिंह ने कहा कि कई जिलों के किसान साल में चार फसलें ले रहे हैं। यहां इसकी पूरी संभावनाएं हैं। डॉ.एसके सिंह ने तकनीकी प्रसार का महत्व बताया।
डीएम अनुराग पटेल ने कहा कि कठिया गेहूं को एक जिला-एक उत्पाद में शामिल करने के लिए योजना बनाई जा रही है। मेले में लगे 120 स्टॉल का अतिथियों ने निरीक्षण किया। अध्यक्षता कुलपति प्रो.नरेंद्र प्रताप सिंह ने की। बुंदेलखंड विकास बोर्ड अध्यक्ष अयोध्या सिंह पटेल, ममता मिश्रा, डॉ.एसके सिंह, डॉ.बीके गुप्ता रहे। संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ.सौरभ ने किया।
कृषि क्षेत्र को मजबूत बना रहे वैज्ञानिक
बांदा। कृषि विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा, शोध व प्रसार कार्य विश्वविद्यालय की प्रमुख गतिविधियां हैं। कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और पलायन रोकने आदि पर वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। बताया कि विश्वविद्यालय में दलहन और तिलहन के बीज उपलब्ध हैं। खेती के साथ पशुपालन पर भी ध्यान देना होगा। समाजसेवी उमाशंकर पांडेय ने जल संरक्षण के बारे में जानकारी दी और किसानों को इसके लिए प्रेरित किया।

बांदा। बुंदेलखंड पर केंद्र और प्रदेश सरकार का पूरा ध्यान है। कृषि विश्वविद्यालय बुंदेलखंड में कृषि के लिए वरदान है। यहां मत्स्य महाविद्यालय शुरू कराने के लिए वह सरकार से सिफारिश करेंगे। यह बात किसान मेला में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कही। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने की नसीहत दी।

गुरुवार से शुरू हुए तीन दिवसीय किसान मेला का उद्घाटन हमीरपुर विधायक मनोज प्रजापति ने किया। कहा कि बुंदेलखंड के किसान परिस्थिति के अनुसार खेती में बदलाव कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती में आयोजित किसान मेला किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा। कहा कि कृषि वैज्ञानिक पायलट प्रोजेक्ट तैयार कर तकनीक का विस्तार करें और किसानों को शिक्षित करें। किसानों को वैज्ञानिक बनाना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।

केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी कुलपति डॉ.एके सिंह ने कहा कि कई जिलों के किसान साल में चार फसलें ले रहे हैं। यहां इसकी पूरी संभावनाएं हैं। डॉ.एसके सिंह ने तकनीकी प्रसार का महत्व बताया।

डीएम अनुराग पटेल ने कहा कि कठिया गेहूं को एक जिला-एक उत्पाद में शामिल करने के लिए योजना बनाई जा रही है। मेले में लगे 120 स्टॉल का अतिथियों ने निरीक्षण किया। अध्यक्षता कुलपति प्रो.नरेंद्र प्रताप सिंह ने की। बुंदेलखंड विकास बोर्ड अध्यक्ष अयोध्या सिंह पटेल, ममता मिश्रा, डॉ.एसके सिंह, डॉ.बीके गुप्ता रहे। संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ.सौरभ ने किया।

कृषि क्षेत्र को मजबूत बना रहे वैज्ञानिक

बांदा। कृषि विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा, शोध व प्रसार कार्य विश्वविद्यालय की प्रमुख गतिविधियां हैं। कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और पलायन रोकने आदि पर वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं। बताया कि विश्वविद्यालय में दलहन और तिलहन के बीज उपलब्ध हैं। खेती के साथ पशुपालन पर भी ध्यान देना होगा। समाजसेवी उमाशंकर पांडेय ने जल संरक्षण के बारे में जानकारी दी और किसानों को इसके लिए प्रेरित किया।





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