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एटा में छह साल बाद लोगों पर भूमि और भवन के सर्किल रेट बढ़ोतरी की मार पड़ने वाली है। सबसे अधिक प्रभाव कृषि भूमि पर पड़ेगा। इसकी रजिस्ट्री कराना 50 फीसदी तक महंगा हो जाएगा। जबकि नगरीय क्षेत्रों में भी 20 से 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी करने की तैयारी है।

पूर्व में हर साल भूमि-भवन के सर्किल रेट में संशोधन करने के आदेश दिए जाते थे। इसके आधार पर जिला प्रशासन 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी प्रतिवर्ष कर देता था। लेकिन 2016 से दरें यथावत रखने का आदेश चल रहा था। इसके तहत किसी भी तरह की जमीन, मकान, दुकान आदि के बैनामों की रजिस्ट्री करने पर शुल्क नहीं बढ़ाया गया। जबकि इन वर्षों में बाजारू कीमतें लगातार बढ़ती रहीं। ऐसे में सर्किल रेट काफी पीछे हो गए। 

अब इस साल सर्किल दरों को बढ़ाए जाने के लिए तीनों तहसीलों में सर्वे शुरू करा दिया गया है। सबसे अधिक बैनामा ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के होते हैं। इन्हीं की दरें काफी कम हैं। इनमें 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गुंजाइश अफसरों को नजर आ रही है। वहीं में व्यवसायिक और आवासीय इलाकों की जमीन की दरें भी 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती हैं।

सर्किल रेट में कीमत डेढ़ लाख रुपये

जिला प्रशासन की सर्किल दर सूची के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि की दरें 10 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर हैं। इस तरह एक बीघा जमीन की कीमत करीब 77 हजार रुपये होती है। जबकि बाजार की दरें देखी जाएं तो पूरे जिले में कहीं भी छह-सात लाख रुपये बीघा से कम की खेती की जमीन नहीं मिल रही है।

पिछले साल 76 फीसदी रही आय

सर्किल दरें भले ही स्थिर हैं, लेकिन आय का लक्ष्य हर साल शासन से बढ़ाया जा रहा है। पिछले साल करीब 130 करोड़ रुपये आय का लक्ष्य था, जिसका 64 फीसदी ही हासिल हो सका। इस साल लक्ष्य बढ़ाकर 148.69 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसे देखकर विभागीय अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।

इन इलाकों में इतनी सर्किल दरें

  • कृषि भूमि – 10 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर
  • शहर में जीटी रोड पर व्यवसायिक भूमि – 1.50 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर
  • शहर के बाबूगंज बाजार में व्यवसायिक भूमि – 1.40 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर
  • अरुणा नगर में आवासीय भूमि – 10500 रुपये प्रति वर्गमीटर
  • इंद्रपुरी कॉलोनी में आवासीय भूमि – 26 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर
  • अवागढ़ हाउस में आवासीय भूमि – 10500 रुपये प्रति वर्गमीटर
  • बाबूगंज में आवासीय भूमि – 26 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर

सहायक आयुक्त स्टांप चंद्रभान यादव ने बताया कि लंबे समय से सर्किल दरें न बढ़ने से आय काफी प्रभावित हो रही है। सर्वे शुरू करा दिया गया है। शासन का आदेश मिलते ही प्रस्तावित दरें जारी कर आपत्ति मांगी जाएंगी। जिनका निस्तारण कर 1 अगस्त से नई सर्किल दरें लागू कर दी जाएंगी।

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एटा में छह साल बाद लोगों पर भूमि और भवन के सर्किल रेट बढ़ोतरी की मार पड़ने वाली है। सबसे अधिक प्रभाव कृषि भूमि पर पड़ेगा। इसकी रजिस्ट्री कराना 50 फीसदी तक महंगा हो जाएगा। जबकि नगरीय क्षेत्रों में भी 20 से 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी करने की तैयारी है।

पूर्व में हर साल भूमि-भवन के सर्किल रेट में संशोधन करने के आदेश दिए जाते थे। इसके आधार पर जिला प्रशासन 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी प्रतिवर्ष कर देता था। लेकिन 2016 से दरें यथावत रखने का आदेश चल रहा था। इसके तहत किसी भी तरह की जमीन, मकान, दुकान आदि के बैनामों की रजिस्ट्री करने पर शुल्क नहीं बढ़ाया गया। जबकि इन वर्षों में बाजारू कीमतें लगातार बढ़ती रहीं। ऐसे में सर्किल रेट काफी पीछे हो गए। 

अब इस साल सर्किल दरों को बढ़ाए जाने के लिए तीनों तहसीलों में सर्वे शुरू करा दिया गया है। सबसे अधिक बैनामा ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के होते हैं। इन्हीं की दरें काफी कम हैं। इनमें 50 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गुंजाइश अफसरों को नजर आ रही है। वहीं में व्यवसायिक और आवासीय इलाकों की जमीन की दरें भी 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती हैं।



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