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मथुरा। मात्र तीन माह पूर्व मंडी में लगी आग से करोड़ों के नुकसान के बाद भी मंडी के जिम्मेदार अधिकारियों की नींद नहीं टूटी है। मंडी में पानी की व्यवस्था के लिए मंडी सचिव राजेंद्र कुमार सिंह के १० सबमर्सिबल लगाने के प्रस्ताव को सिटी मजिस्ट्रेट सौरब दुबे ने खारिज कर दिया। इसके चलते मंडी में पेयजल व्यवस्था की कार्रवाई अटक गई है। मंडी में प्रतिदिन हजारों किसानों के आवागमन के बाद भी अधिकारियों द्वारा पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
जुलाई २०२२ मेें मंडी में एक नीलामी चबूतरा पर बने करीब दर्जनभर आढ़तियों के फड़ जलकर खाक हो गये थे। सूचना पर फायर बिग्रेड जब तक पहुंची तब तक सब कुछ जल चुका था। इस घटना में मंडी समिति की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। मंडी सचिव ने पानी की टंकी की सफाई कराई। पानी के कनेक्शन भी फड़ों तक पहुंचाने की शुरूआत की और एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें मंडी में दस सबमर्सिबल लगाने की मांग की।
सिटी मजिस्ट्रेट ने मंडी सचिव से १० की बजाय पांच सबमर्सिबल का प्रस्ताव बनाने को कहा। जब पांच सबमर्सिबल का प्रस्ताव सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष रखा तो वह भी खारिज कर दिया। इसके चलते मंडी में पानी के लिए तैयार प्लान परवान चढ़ने से पहले ही धराशायी खत्म हो गया। मंडी सचिव का कहना है कि उन्होंने प्रस्ताव सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष रखा था परंतु उन्होंने खारिज कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि कोई प्रस्ताव रखा तो था परंतु वह किन कारणों से खारिज हो गया, इसकी जानकारी करेंगे।

मथुरा। मात्र तीन माह पूर्व मंडी में लगी आग से करोड़ों के नुकसान के बाद भी मंडी के जिम्मेदार अधिकारियों की नींद नहीं टूटी है। मंडी में पानी की व्यवस्था के लिए मंडी सचिव राजेंद्र कुमार सिंह के १० सबमर्सिबल लगाने के प्रस्ताव को सिटी मजिस्ट्रेट सौरब दुबे ने खारिज कर दिया। इसके चलते मंडी में पेयजल व्यवस्था की कार्रवाई अटक गई है। मंडी में प्रतिदिन हजारों किसानों के आवागमन के बाद भी अधिकारियों द्वारा पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।

जुलाई २०२२ मेें मंडी में एक नीलामी चबूतरा पर बने करीब दर्जनभर आढ़तियों के फड़ जलकर खाक हो गये थे। सूचना पर फायर बिग्रेड जब तक पहुंची तब तक सब कुछ जल चुका था। इस घटना में मंडी समिति की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। मंडी सचिव ने पानी की टंकी की सफाई कराई। पानी के कनेक्शन भी फड़ों तक पहुंचाने की शुरूआत की और एक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें मंडी में दस सबमर्सिबल लगाने की मांग की।

सिटी मजिस्ट्रेट ने मंडी सचिव से १० की बजाय पांच सबमर्सिबल का प्रस्ताव बनाने को कहा। जब पांच सबमर्सिबल का प्रस्ताव सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष रखा तो वह भी खारिज कर दिया। इसके चलते मंडी में पानी के लिए तैयार प्लान परवान चढ़ने से पहले ही धराशायी खत्म हो गया। मंडी सचिव का कहना है कि उन्होंने प्रस्ताव सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष रखा था परंतु उन्होंने खारिज कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि कोई प्रस्ताव रखा तो था परंतु वह किन कारणों से खारिज हो गया, इसकी जानकारी करेंगे।





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