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भरथना। कृषि उत्पादन समिति के सामने से निकली सड़क के 1400 मीटर हिस्से में 106 गड्ढे हैं। इनमें 12 गहरे गड्ढे शामिल हैं। गड्ढों से आवागमन बाधित रहने के साथ हादसे का खतरा रहता है।
कृषि उत्पादन मंडी समिति के सामने डामरीकृत सड़क का एक छोर भरथना-ऊसराहार मुख्य मार्ग से और दूसरा छोर भरथना-विधूना मुख्य मार्ग से जुड़ता है। दोनों महत्वपूर्ण रास्तों को जोड़ने वाली 14 सौ मीटर डामरीकृत सड़क 27 साल पहले बनी थी। वर्ष 2011-12 में ही सड़क पर गड्ढे होने लगे थे। क्षेत्रीय लोगों के कई बार मांग करने के बाद वर्ष 2017 में 64 लाख रुपये की लागत से मरम्मत कराई गई थी। तीन साल बाद ही पैचवर्क की परतें फिर उधड़ने लगीं। अब हालत यह है कि पूरी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं।
आढ़ती प्रमोद कुमार यादव उर्फ पप्पू ने बताया कि सड़क का ज्यादातर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। बारिश में आए दिन लोग गिरकर घायल होते हैं। गृहिणी फूलन श्री का कहना है कि जर्जर सड़क के गड्ढों में भरे पानी की वजह से चलना मुश्किल हो जाता है। आए दिन वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं।
मंडी समिति स्तर से अपने मंडलीय कार्यालय को सड़क निर्माण के लिए छह माह पहले प्रस्ताव भेजा गया है। अभी तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। फिर रिमाइंडर भेजा जाएगा।
-अनिल कुमार, सचिव मंडी
पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सड़क का निर्माण व मरम्मत मंडी समिति ही कराती है। सड़क निर्माण कार्य के लिए पालिका के पास बजट नहीं है।
-हाकिम सिंह, चेयरमैन नगर पालिका

भरथना। कृषि उत्पादन समिति के सामने से निकली सड़क के 1400 मीटर हिस्से में 106 गड्ढे हैं। इनमें 12 गहरे गड्ढे शामिल हैं। गड्ढों से आवागमन बाधित रहने के साथ हादसे का खतरा रहता है।

कृषि उत्पादन मंडी समिति के सामने डामरीकृत सड़क का एक छोर भरथना-ऊसराहार मुख्य मार्ग से और दूसरा छोर भरथना-विधूना मुख्य मार्ग से जुड़ता है। दोनों महत्वपूर्ण रास्तों को जोड़ने वाली 14 सौ मीटर डामरीकृत सड़क 27 साल पहले बनी थी। वर्ष 2011-12 में ही सड़क पर गड्ढे होने लगे थे। क्षेत्रीय लोगों के कई बार मांग करने के बाद वर्ष 2017 में 64 लाख रुपये की लागत से मरम्मत कराई गई थी। तीन साल बाद ही पैचवर्क की परतें फिर उधड़ने लगीं। अब हालत यह है कि पूरी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं।

आढ़ती प्रमोद कुमार यादव उर्फ पप्पू ने बताया कि सड़क का ज्यादातर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। बारिश में आए दिन लोग गिरकर घायल होते हैं। गृहिणी फूलन श्री का कहना है कि जर्जर सड़क के गड्ढों में भरे पानी की वजह से चलना मुश्किल हो जाता है। आए दिन वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं।

मंडी समिति स्तर से अपने मंडलीय कार्यालय को सड़क निर्माण के लिए छह माह पहले प्रस्ताव भेजा गया है। अभी तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है। फिर रिमाइंडर भेजा जाएगा।

-अनिल कुमार, सचिव मंडी

पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सड़क का निर्माण व मरम्मत मंडी समिति ही कराती है। सड़क निर्माण कार्य के लिए पालिका के पास बजट नहीं है।

-हाकिम सिंह, चेयरमैन नगर पालिका



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