फोटो 29 एयूआरपी -02 - खाली पड़ी समाज कल्याण अधिकारी की कुर्सी। संवाद

फोटो 29 एयूआरपी -02 – खाली पड़ी समाज कल्याण अधिकारी की कुर्सी। संवाद
– फोटो : AURAIYA

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औरैया। दीवाली की छुट्टियां खत्म हो चुकी हैं, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों की खुमारी नहीं उतरी। शनिवार को विकास भवन के दफ्तरों में अधिकारी समय से नहीं पहुंचे। फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 10:25 बजे तक कई अधिकारियों की सीटें खाली रहीं। मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह भी निर्धारित समय से एक घंटे विलंब से कार्यालय पहुंचे।
सुबह 10:07 बजे जिला समाज कल्याण अधिकारी का कार्यालय बंद था। कार्यालय में एक कर्मचारी बैठा मिला। समाज कल्याण अधिकारी इंदिरा सिंह व कर्मचारी नहीं मिले। कार्यालय में फरियादी भटकते नजर आए। कुछ फरियादी पेंशन की जानकारी तो कुछ सत्यापन के लिए पहुंचे थे।
सुबह 10:12 विकास भवन स्थित उपायुक्त श्रम अधिकारी विजय प्रकाश शर्मा का कार्यालय बंद मिला। उपायुक्त श्रम विजय प्रकाश वर्मा अनुपस्थित मिले। कोई भी कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं मिला। उपायुक्त श्रम अधिकारी के समय से न आने का कारण कोई नहीं बता सका।
सुबह 10:15 जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय का ताला बंद मिला। अधिकांश कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले। केवल दो कर्मचारी ही काम करते दिखाई दिए। साहब कहां हैं, इसकी जानकारी कर्मचारी नहीं दे सके। यहां पर दो लोग गांव में साफ सफाई न होने की फरियाद लेकर पहुंचे थे।
सुबह 10:35 परियोजना निदेशक डीआरडीए कार्यालय का दरवाजा बाहर से बंद मिला। कार्यालय के बाहर खड़े कर्मचारी ने बताया कि साहब आने वाले हैं। किसी कारणवश विलंब हो गया। उनके कार्यालय में अधिकांश कर्मचारी भी अपने पटल पर नजर नहीं आए। यहां पर दो लोग आवास योजना की जानकारी के लिए इंतजार करते नजर आए।
पुरवा हीरामन फतेहपुर बिधूना निवासी रामलखन ने बताया कि पेंशन नहीं आ रही है। ब्लॉक से मुख्यालय भेजा गया है। 20 मिनट से वह कार्यालय में लिपिक और अधिकारी के आने का इंतजार करता नजर आया। इन्हीं के साथ मौजूद मोहन ने बताया कि वह पीडी कार्यालय में आवास योजना की जानकारी के लिए पहुंचा था।
तहसील क्षेत्र के गांव मऊ निवासी चिरौजा देवी ने बताया कि करीब आधे घंटे से समाज कल्याण आफिस में बैठी है, लेकिन अभी तक कार्यालय में लिपिक नहीं आए हैं। एक साल से उसे पेंशन नहीं मिल रही है। समय से आने के बाद भी न अधिकारी मिले और न कर्मचारी।
मै जिलाधिकारी के कार्यालय में विभागीय कार्य से गया था। इसलिए आने में देर हुई है। देर से दफ्तर पहुंचने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
– अनिल कुमार सिंह, सीडीओ

औरैया। दीवाली की छुट्टियां खत्म हो चुकी हैं, लेकिन अधिकारियों व कर्मचारियों की खुमारी नहीं उतरी। शनिवार को विकास भवन के दफ्तरों में अधिकारी समय से नहीं पहुंचे। फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 10:25 बजे तक कई अधिकारियों की सीटें खाली रहीं। मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह भी निर्धारित समय से एक घंटे विलंब से कार्यालय पहुंचे।

सुबह 10:07 बजे जिला समाज कल्याण अधिकारी का कार्यालय बंद था। कार्यालय में एक कर्मचारी बैठा मिला। समाज कल्याण अधिकारी इंदिरा सिंह व कर्मचारी नहीं मिले। कार्यालय में फरियादी भटकते नजर आए। कुछ फरियादी पेंशन की जानकारी तो कुछ सत्यापन के लिए पहुंचे थे।

सुबह 10:12 विकास भवन स्थित उपायुक्त श्रम अधिकारी विजय प्रकाश शर्मा का कार्यालय बंद मिला। उपायुक्त श्रम विजय प्रकाश वर्मा अनुपस्थित मिले। कोई भी कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं मिला। उपायुक्त श्रम अधिकारी के समय से न आने का कारण कोई नहीं बता सका।

सुबह 10:15 जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय का ताला बंद मिला। अधिकांश कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले। केवल दो कर्मचारी ही काम करते दिखाई दिए। साहब कहां हैं, इसकी जानकारी कर्मचारी नहीं दे सके। यहां पर दो लोग गांव में साफ सफाई न होने की फरियाद लेकर पहुंचे थे।

सुबह 10:35 परियोजना निदेशक डीआरडीए कार्यालय का दरवाजा बाहर से बंद मिला। कार्यालय के बाहर खड़े कर्मचारी ने बताया कि साहब आने वाले हैं। किसी कारणवश विलंब हो गया। उनके कार्यालय में अधिकांश कर्मचारी भी अपने पटल पर नजर नहीं आए। यहां पर दो लोग आवास योजना की जानकारी के लिए इंतजार करते नजर आए।

पुरवा हीरामन फतेहपुर बिधूना निवासी रामलखन ने बताया कि पेंशन नहीं आ रही है। ब्लॉक से मुख्यालय भेजा गया है। 20 मिनट से वह कार्यालय में लिपिक और अधिकारी के आने का इंतजार करता नजर आया। इन्हीं के साथ मौजूद मोहन ने बताया कि वह पीडी कार्यालय में आवास योजना की जानकारी के लिए पहुंचा था।

तहसील क्षेत्र के गांव मऊ निवासी चिरौजा देवी ने बताया कि करीब आधे घंटे से समाज कल्याण आफिस में बैठी है, लेकिन अभी तक कार्यालय में लिपिक नहीं आए हैं। एक साल से उसे पेंशन नहीं मिल रही है। समय से आने के बाद भी न अधिकारी मिले और न कर्मचारी।

मै जिलाधिकारी के कार्यालय में विभागीय कार्य से गया था। इसलिए आने में देर हुई है। देर से दफ्तर पहुंचने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

– अनिल कुमार सिंह, सीडीओ





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