रामकुंड पर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते श्रद्धालु।

रामकुंड पर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते श्रद्धालु।
– फोटो : ORAI

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उरई। उगते हुए सूर्य देवता को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय छठ पर्व का समापन हो गया। छठ पर्व का मुख्य आयोजन रामकुंड पर हुआ। महिलाओं ने छठी गीत उगा न सूर्य देव, भइला अर्घ्य की बेर…। हम करेली छठ बिरतिया उनके सागी जैसे गीत गाए…।
पर्व को लेकर महिलाएं रात से ही तैयारियां में जुट गईं थीं। सोमवार सुबह चार बजे रामकुंड के लिए सिर पर पूजा का सूप लेकर रवाना हुईं। रामकुंड के जल में खड़े होकर सूर्य देवता के उगने का इंतजार करने लगीं। जैसे ही सूर्यदेव ने लालिमा बिखेरी। वैसे ही श्रद्धालुओं के चेहरे पर मुस्कान आ गई और वे सूर्यदेव और छठ मैया को स्तुति करने लगे।
इसके बाद बारी-बारी सूर्यदेव को अर्घ्य देकर प्रार्थना की गई। इसके बाद व्रत का पारण किया गया। छठ पूजा समिति के अध्यक्ष संजय साहनी ने बताया कि छठ पर्व सूर्य उपासना का पर्व है। इसके माध्यम से आप अपनी माटी और घर परिवार से जुड़े रहे और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते रहने का संदेश दिया जाता है। यह तन और मन दोनों को शुद्ध करने का पर्व है।
छठ पूजा को लेकर बच्चों ने आतिशबाजी भी की। स्टाल लगाकर लोगों को चाय वितरित की। इस दौरान एसडीएम पीएन चौधरी, कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजीव कुमार सिंह, संजीव साहनी, सुमन, श्वेता आनंद, केएम तिवारी, दीनानाथ तिवारी, आराधना सिंह आदि मौजूद रहे।

-रामकुंड पर पूजा करते श्रद्दालु।

-रामकुंड पर पूजा करते श्रद्दालु।– फोटो : ORAI

उरई। उगते हुए सूर्य देवता को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय छठ पर्व का समापन हो गया। छठ पर्व का मुख्य आयोजन रामकुंड पर हुआ। महिलाओं ने छठी गीत उगा न सूर्य देव, भइला अर्घ्य की बेर…। हम करेली छठ बिरतिया उनके सागी जैसे गीत गाए…।

पर्व को लेकर महिलाएं रात से ही तैयारियां में जुट गईं थीं। सोमवार सुबह चार बजे रामकुंड के लिए सिर पर पूजा का सूप लेकर रवाना हुईं। रामकुंड के जल में खड़े होकर सूर्य देवता के उगने का इंतजार करने लगीं। जैसे ही सूर्यदेव ने लालिमा बिखेरी। वैसे ही श्रद्धालुओं के चेहरे पर मुस्कान आ गई और वे सूर्यदेव और छठ मैया को स्तुति करने लगे।

इसके बाद बारी-बारी सूर्यदेव को अर्घ्य देकर प्रार्थना की गई। इसके बाद व्रत का पारण किया गया। छठ पूजा समिति के अध्यक्ष संजय साहनी ने बताया कि छठ पर्व सूर्य उपासना का पर्व है। इसके माध्यम से आप अपनी माटी और घर परिवार से जुड़े रहे और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेते रहने का संदेश दिया जाता है। यह तन और मन दोनों को शुद्ध करने का पर्व है।

छठ पूजा को लेकर बच्चों ने आतिशबाजी भी की। स्टाल लगाकर लोगों को चाय वितरित की। इस दौरान एसडीएम पीएन चौधरी, कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजीव कुमार सिंह, संजीव साहनी, सुमन, श्वेता आनंद, केएम तिवारी, दीनानाथ तिवारी, आराधना सिंह आदि मौजूद रहे।

-रामकुंड पर पूजा करते श्रद्दालु।

-रामकुंड पर पूजा करते श्रद्दालु।– फोटो : ORAI





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