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गौरीगंज (अमेठी)। परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2022-23 में पंजीकृत नौनिहालों को नई पाठ्य पुस्तकों के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। अप्रैल से शुरू हुए शैक्षिक सत्र में नौनिहाल पुरानी पाठ्य पुस्तकों से पढ़ाई कर रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार नई पाठ्य पुस्तकें सितंबर से पहले नहीं आएंगी।
कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को शिक्षित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले में 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक स्कूल, 197 कंपोजिट स्कूल संचालित किए जाते हैं। शैक्षिक सत्र 2021-22 में विभिन्न कक्षाओं में पंजीकृत 1,55,142 बच्चों को परीक्षा के बाद प्रमोट किया गया है तो एक अप्रैल से 16 अप्रैल तक 43,997 बच्चों का नवीन प्रवेश हुआ है।
मौजूदा समय में जिले के परिषदीय विद्यालयों में 2,03,750 नौनिहाल शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। नौनिहालों को सुविधाजनक शिक्षा देने के लिए विभाग की कोशिश जिले में फ्लॉप साबित हो रही है। एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू होने के बाद ग्रीष्मकालीन अवकाश तक बच्चों को पाठ्य पुस्तकें नहीं मिलीं। ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद 16 जून से पढ़ाई शुरू हुई तो भी नौनिहालों को पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। ऐसे में बच्चे पुराने बच्चों की फटी-पुरानी किताबें लेकर काम चला रहे हैं। कई स्कूलों में पंजीकृत बच्चों के पास पुरानी पुस्तकें भी नहीं हैं। इसके चलते गुणवत्तापरक ढंग से शिक्षा का दावा झूठा साबित हो रहा है।
अभी सिर्फ टेंडर हुआ
राज्य स्तर पर इस संबंध में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला स्तर से नामित संस्था को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। वर्क ऑर्डर जारी होने के 90 दिन के भीतर पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति मिलने की संभावना है। ऐसे में फिलहाल जल्दी पाठ्य पुस्तकें मिलने के आसार नहीं हैं।
कक्षावार विद्यार्थियों की संख्या
बेसिक शिक्षा विभाग के पास मौजूद आंकड़ों के अनुसार जिले में संचालित 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक स्कूल, 197 कंपोजिट स्कूल के साथ 33 सहायता प्राप्त स्कूल, 15 राजकीय व पांच मदरसा में कक्षा एक में 25,351, कक्षा दो में 27,824, कक्षा तीन में 30,484, कक्षा चार में 29,771, कक्षा पांच में 27,966, कक्षा छह में 23,793, कक्षा सात में 19,836 तथा कक्षा आठ में 18,725 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
आपूर्ति मिलने के बाद होगी जांच
जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता संजय मौर्या ने बताया कि पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति मिलने के बाद जिल स्तरीय कमेटी से गुणवत्ता का परीक्षण कराया जाएगा। परीक्षा में मानक के अनुसार प्रकाशन, पन्ने व पाठ्य सामग्री होने के बाद स्कूलों में वितरित किया जाएगा। सभी प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की एक-एक किताब नमूने के रूप में पहुंचाई जाएगी तो जिले में संचालित 65 मॉडल प्राथमिक स्कूल व 13 मॉडल उच्च प्राथमिक स्कूल में अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों का वितरण नियमानुसार किया जाएगा।
जल्द आपूर्ति की उम्मीद
बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि नामित संस्था को वर्क ऑर्डर दिया जा चुका है। जल्द ही पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति मिलने की संभावना है। आपूर्ति मिलते ही बच्चों में पाठ्य पुस्तकें वितरित की जाएंगी। पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए पुराने बच्चों की पाठ्य पुस्तक संग्रहीत कर वितरित की गई हैं। पाठ्य पुस्तक के अभाव में पढ़ाई प्रभावित न हो इसकी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक को दी गई है।

गौरीगंज (अमेठी)। परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2022-23 में पंजीकृत नौनिहालों को नई पाठ्य पुस्तकों के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। अप्रैल से शुरू हुए शैक्षिक सत्र में नौनिहाल पुरानी पाठ्य पुस्तकों से पढ़ाई कर रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार नई पाठ्य पुस्तकें सितंबर से पहले नहीं आएंगी।

कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को शिक्षित करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जिले में 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक स्कूल, 197 कंपोजिट स्कूल संचालित किए जाते हैं। शैक्षिक सत्र 2021-22 में विभिन्न कक्षाओं में पंजीकृत 1,55,142 बच्चों को परीक्षा के बाद प्रमोट किया गया है तो एक अप्रैल से 16 अप्रैल तक 43,997 बच्चों का नवीन प्रवेश हुआ है।

मौजूदा समय में जिले के परिषदीय विद्यालयों में 2,03,750 नौनिहाल शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। नौनिहालों को सुविधाजनक शिक्षा देने के लिए विभाग की कोशिश जिले में फ्लॉप साबित हो रही है। एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू होने के बाद ग्रीष्मकालीन अवकाश तक बच्चों को पाठ्य पुस्तकें नहीं मिलीं। ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद 16 जून से पढ़ाई शुरू हुई तो भी नौनिहालों को पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। ऐसे में बच्चे पुराने बच्चों की फटी-पुरानी किताबें लेकर काम चला रहे हैं। कई स्कूलों में पंजीकृत बच्चों के पास पुरानी पुस्तकें भी नहीं हैं। इसके चलते गुणवत्तापरक ढंग से शिक्षा का दावा झूठा साबित हो रहा है।

अभी सिर्फ टेंडर हुआ

राज्य स्तर पर इस संबंध में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला स्तर से नामित संस्था को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। वर्क ऑर्डर जारी होने के 90 दिन के भीतर पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति मिलने की संभावना है। ऐसे में फिलहाल जल्दी पाठ्य पुस्तकें मिलने के आसार नहीं हैं।

कक्षावार विद्यार्थियों की संख्या

बेसिक शिक्षा विभाग के पास मौजूद आंकड़ों के अनुसार जिले में संचालित 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक स्कूल, 197 कंपोजिट स्कूल के साथ 33 सहायता प्राप्त स्कूल, 15 राजकीय व पांच मदरसा में कक्षा एक में 25,351, कक्षा दो में 27,824, कक्षा तीन में 30,484, कक्षा चार में 29,771, कक्षा पांच में 27,966, कक्षा छह में 23,793, कक्षा सात में 19,836 तथा कक्षा आठ में 18,725 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।

आपूर्ति मिलने के बाद होगी जांच

जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता संजय मौर्या ने बताया कि पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति मिलने के बाद जिल स्तरीय कमेटी से गुणवत्ता का परीक्षण कराया जाएगा। परीक्षा में मानक के अनुसार प्रकाशन, पन्ने व पाठ्य सामग्री होने के बाद स्कूलों में वितरित किया जाएगा। सभी प्राथमिक स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की एक-एक किताब नमूने के रूप में पहुंचाई जाएगी तो जिले में संचालित 65 मॉडल प्राथमिक स्कूल व 13 मॉडल उच्च प्राथमिक स्कूल में अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों का वितरण नियमानुसार किया जाएगा।

जल्द आपूर्ति की उम्मीद

बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि नामित संस्था को वर्क ऑर्डर दिया जा चुका है। जल्द ही पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति मिलने की संभावना है। आपूर्ति मिलते ही बच्चों में पाठ्य पुस्तकें वितरित की जाएंगी। पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए पुराने बच्चों की पाठ्य पुस्तक संग्रहीत कर वितरित की गई हैं। पाठ्य पुस्तक के अभाव में पढ़ाई प्रभावित न हो इसकी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक को दी गई है।



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