उत्तर प्रदेश जालौन

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा ग्राम पंचायत पतराही का विकास

ग्राम प्रधान के विरुद्ध शिकायतों पर अधिकारियों ने क्यों कर ली आंखें बंद ?
क्या प्रधान के साथ घोटाले में अधिकारियों की भी संलिप्तता ?

उरई (जालौन)। (गोविंद सिंह दाऊ):- ग्रामीणों द्वारा ग्राम प्रधान के विरुद्ध भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतों के बावजूद भी कोई कार्यवाही न होने से पंचायत के लिए आवंटित धन का अधिकारियों की सांठगांठ से बंदरबांट होने का संदेह होने लगा है ।
विकासखंड रामपुरा अंतर्गत ग्राम पतराही की महिला ग्राम प्रधान श्रीमती मुन्नी देवी द्वारा ग्राम पंचायत के लिए आवंटित सरकारी धन को गमन करने के लिए काम किए जाने के लिए फर्जी विवरण कागज में बनाकर लाखों रुपया का घोटाला किए जाने का मामला चर्चा में है ।
उक्त आशय की शिकायत गांव के मुन्ना सिंह ,प्रदीप सिंह, गजेंद्र सिंह ,जतन सिंह ,मनीष सिंह, छोटे चकवा , सुल्लू सिंह उदयवीर सिंह, धनपाल सिंह, ताहर सिंह , राम अवतार सिंह, नत्थू सिंह ,कल्लू सिंह आदि लगभग एक साकड़ा ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम प्रधान मुन्नी देवी सीधी साधी सरल ग्रामीण विधवा महिला हैं लेकिन उनका पुत्र राहुल जो ग्राम प्रधान के समस्त कार्यों का संचालन करता है यदि यह कहा जाय की राहुल सिंह ही ग्राम पतराही का प्रधान है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी निहायती चतुर एवं सरकार के द्वारा ग्राम पंचायत को विकास के लिए मुहैया कराए गए धन को कैसे बराबर किया जाए इस क्रिया का माहिर खिलाड़ी है । इस काम में उसे ग्राम पंचायत सचिव व विभागीय अधिकारियों का भी संरक्षण प्राप्त है। ग्रामीणों ने बताया ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के कामों की फेहरिस्त बनाई जाए तो वहीं कई पन्नों में बनेगी जिसमें ग्राम निधि मेंं घोटाला, एक काम का दो-दो बार धन आहरित करा लेना , अपात्रों को आवास उपलब्ध करवाकर गरीबों के हक पर डाका डालना, शौचालय घोटाला, तालाब खुदाई, हैंड पंप रिपेयरिंग का फर्जी भुगतान, सरकारी नलकूप की मरम्मत का फर्जी बिल पेश करना आदि अनेक काम है । और तो और ग्राम प्रधान व तत्कालीन सचिव ने वर्ष 2017 में महेंद्र सिंह के खेत से जीतू के खेत तक बंदी का निर्माण होना दर्शाया है जो फर्जी है इसमें ग्राम प्रधान ने अपने ही परिजनों वह अपने चहेते लोगों के जॉब कार्ड भर कर 1 लाख 94 हजार रुपया का धन निकाल लिया है । आश्चर्यजनक तो यह ग्राम पंचायत में कूड़ेदान का खरीदा जाना और उनका चोरी हो जाना ग्राम प्रधान के पुत्र की कला कौशल का उत्कृष्ट नमूना है।
उक्त संदर्भ में ग्रामीणों द्वारा क्षेत्रीय विधायक श्री मूलचंद्र निरंजन ,जिलाधिकारी जालौन, खंड विकास अधिकारी रामपुरा सहित मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई लेकिन कब जांच हुई, क्या जांच हुई ,कैसे जांच हुई ग्रामीणों को पता ही नहीं चला। ग्राम पंचायत सचिव सुनील कुशवाहा ग्राम प्रधान के पापों को छुपाने के लिए जन सूचना अधिकार के तहत ग्रामीणों द्वारा चाही गई जानकारी न देने के लिए संकल्पित है । विगत 3 माह से लगातार हो रही शिकायतों पर कोई कार्यवाही न होने एवं प्रधान पुत्र राहुल द्वारा खुलकर चुनौती देने कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता यदि मैं फसूंगा तो जिला स्तरीय अनेक अधिकारी भी गिरफ्त में आएंगे इससे प्रतीत होता है कि इस मामले में अकेला प्रधान का पुत्र राहुल या ग्राम पंचायत सचिव ही दोषी नहीं है खंड विकास अधिकारी एवं जिले के कई अधिकारी भी इस घोटाले में संलिप्त है । ग्रामीण प्रदीप सिंह आदि ने बताया कि ग्राम पंचायत के धन में हुए घोटाले एवं कार्यों में बरती गई अनियमितता पर जांच ना करके कोई भी अधिकारी कितना भी प्रयास करते हुए ग्राम प्रधान के पापों को छुपाने का दुष्कृत्य कर ले लेकिन यह बात अब मुख्यमंत्री पटल तक जाएगी और अब किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा ।