उत्तर प्रदेश जालौन

सूर्य मंदिर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ रहे भक्तगण

उरई (जालौन)(गोविंद सिंह दाऊ):-। ।बंगरा जालौन सूर्य मंदिर में चल रहे श्री गणेश एवं सूर्य महायज्ञ श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन भागवताचार्य श्री साघ्वी मोहनी द्विवेदी ने शनिवार आज सुबह से ही अपने अध्याय से भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण नंद गांव पहुंचे तो देखा कि गांव में इंद्र पूजन की तैयारी में 56 भोग बनाए जा रहे हैं। श्रीकृष्ण ने नंद बाबा से पूछा कि कैसा उत्सव होने जा रहा है। जिसकी इतनी भव्य तैयारी हो रही है।
नंद बाबा ने कहा कि यह उत्सव इंद्र भगवान के पूजन के लिए हो रहा है। क्योंकि वर्षा के राजा इन्द्र है और उन्हीं की कृपा से बारिश हो सकती है। इसलिए उन्हें खुश करने के लिए इस पूजन का आयोजन हो रहा है। इस पर श्रीकृष्ण ने इंद्र के लिए हो रहे यज्ञ को बंद करा दिया और कहा कि जो व्यक्ति जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल मिलता है। इससे इंद्र का कोई मतलब नहीं है। ऐसा होने के बाद इंद्र गुस्सा हो गए और भारी बारिश करना शुरु कर दिए। नंद गांव इससे त्राहि-त्राहि मचने लगी तो भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को ही उठा लिया। नंद गांव के लोग सुरक्षित हो गए। इसके बाद से ही गोवर्धन पूजा का क्रम शुरु हुआ। इसके अलावा साघ्वी मोहिनी द्विवेदी ने भगवान के अन्य महिमाओं का भी वर्णन किया। और मानस प्रबचन में श्री राम के अध्याय का वर्णन किया गया रहा एक दिन अवधि कर अति आरत पुर लोग। जहं तह सोचहिं नारि नर कृस तन राम बियोग। इस अवसर पर मंच संचालक श्री सुजीत शर्मा एवम् रवि सरकार विजय शंकर सिंह बड़े पप्पू आदि कमेटी सदस्य सभी श्रोतागण को सरबत एवम् रस पिलाते हुए भक्तो की सेवा करते हुए नजर आए।