० रक्तदान से बचाया जा सकता दूसरे का जीवन-डीएम
उरई (जालौन)जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने राजकीय मेडिकल कालेज में रक्तदान शिविर का फीता काटकर शुभारंभ करते हुए कहा कि रक्तदान से दूसरे का जीवन बचाया जा सकता है। इसका अहसास हमें तब होता है, जब कोई अपना जिंदगी और मौत से जूझ रहा होता है, इसीलिए सभी को बढ़चढ़कर रक्तदान करना चाहिए ताकि दूसरों की जिंदगी को बचाया जा सके।
उरई के राजकीय मेडिकल कालेज में पूर्व विधान परिषद सदस्य, कर्मचारी नेता स्वर्गीय बी. एन सिंह की 23 वीं पुण्य तिथि पर ब्लड कमांडो फाउंडेशन द्वारा रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान रक्तदान करने के लिए 15 लोगों द्वारा रजिस्ट्रेशन कराया गया था, जिसमें सभी लोगों ने अपना रक्त जरूरतमंद लोगों को दान दिया। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने रक्तदान करने वालों का उत्साहवर्धन किया, इस दौरान उन्होंने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा पुण्य है। रक्तदान करने के लिए सभी लोगों को आगे आने की जरूरत है। आज हम सभी शिक्षित व सभ्य समाज के नागरिक हैं। जो केवल अपनी ही नहीं, बल्कि दूसरों के भलाई के लिए भी सोचते हैं। ऐसे में क्यों न हम रक्तदान के पुनीत कार्य में सहयोग दें जो सभी दानों में बड़ा दान है। इससे किसी प्रकार की शारीरिक क्षति भी नहीं होती। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से शरीर को नई ऊर्जा मिलती है। इससे पूर्व की अपेक्षा शरीर में अधिक खून बनता है। पहले लोग रक्तदान में संकोच करते थे, लेकिन अधिकत्तर लोग रक्तदान बढ़चढ़ कर करते है। वहीं उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में अधिकतर खून की कमी से लोगों की मौत हो जाती है ऐसे में शासन द्वारा सड़क सुरक्षा सप्ताह भी शुभारंभ किया गया है दुर्घटना में आए लोगों का रक्तदान बहुत ही मददगार साबित होता है।
रक्तदान करने वालों में पत्रकार अनुज कौशिक, मुबीन खान, समाजसेवी अनूप, ऋषभ, शिप्रा निरंजन, आलोक सिंह, निखिल, अमित कुमार, प्रवीण कुमार, रामरूप, संजीव कुमार, चंद्रशेखर, राहुल देव, आशीष पटेल, चंद्रभान सिंह ने बताया कि वह हमेशा जरूरतमंदों के लिए अपना रक्तदान करते हैं। अनुज ने बताया कि वह 2005 से रक्तदान कर रहे है, जबकि लोगों को रक्त की जरूरत होती है वह मदद के लिए पहुंच जाते है, वही मुबीन खान ने बताया कि जब भी लोगों को रक्त की जरूरत होती है, वह फोन कॉल आने पर रक्तदान करने पहुंच जाते है, जबकि शिप्रा निरंजन ने कहा कि वह पिछले 1 साल से रक्तदान कर रही हैं, जब भी लोगों को जरूरत होती है, वह रक्त दान करने पहुंच जाती है।
इस अवसर पर मेडिकल प्राचार्य डी. एन. द्विवेदी आदि संबंधित मौजूद रहे

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