उरई (जालौन)जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि विशेष अभियान के तहत सत्यापन कर समस्त अपात्रों को चिन्हित करते हुए उनके राशन कार्ड निरस्त किये जाये एवं अग्रिम विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाये। अतः जनपद के समस्त राशन कार्डधारकों को सूचित किया जाता है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों के लिए अपात्रता का मानक निम्नवत है। उन्होंने बताया कि यदि परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता है, परिवार के किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन अथवा ट्रैक्टर हार्वेस्टर या वाता नुकूलन एसी अथवा 05 केवीए या उससे अधिक का जनरेटर हैं, ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे राशन कार्डधारक / परिवार जिसके किसी भी सदस्य के पास अकेले या अन्य के स्वामित्व में 05 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि है, नगरीय क्षेत्र के ऐसे परिवार जिसके किसी भी सदस्य के पास अकेले या अन्य सदस्य के साथ 100 वर्ग मीटर से अधिक स्वअर्जित प्लॉट या उस पर स्वनिर्मित मकान अथव 100 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट एरिया का आवासीय फ्लैट / मकान है या ऐसे परिवार जिसके किसी भी सदस्य के स्वामित्व में 80 वर्ग मीटर से अधिक एरिया का कॉमर्शियल प्लॉट उपलब्ध है, ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे परिवार जिसके समस्त सदस्यों की कुल वार्षिक आय 02.00 लाख रुपये से अधिक एवं शहरी क्षेत्र में ऐसे परिवार जिसके समस्त सदस्यों की कुल वार्षिक आय 03.00 लाख से अधिक है, ऐसे परिवार जिनके पास 02 से अधिक शस्त्र लाईसेन्स है। ऐसे व्यक्ति / परिवार किसी भी श्रेणी के राशन कार्ड के लिए पात्र नहीं है। अतः उपरोक्त श्रेणी में आने वाले समस्त राशन कार्डधारकों को विशेष रूप से सचेत करते हुए अन्तिम चेतावनी दी जाती है कि वे एक सप्ताह के अन्दर अपने नजदीकी क्षेत्रीय आपूर्ति कार्यालय अथवा जिला पूर्ति कार्यालय में जाकर अपना राशन कार्ड समर्पित कर दे। यदि अग्रिम जांच में कोई परिवार राशन कार्ड के लिए अपात्र पाया जाता है तो उनका राशन कार्ड निरस्त करने के साथ-साथ ऐसे परिवारों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी तथा जब से वह परिवार एनएफएसए के अन्तर्गत खाद्यान्न प्राप्त कर रहा है तब से खाद्यान्न का आकलन करते हुए गेहूँ 24 रुपया प्रति किलोग्राम की दर से तथा चावल 32 रुपया प्रति किलोग्राम की दर से) वसूली की जायेगी, जिसके लिए वह परिवार स्वयं उत्तरदायी होगा।

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