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अयोध्या। अमानीगंज के पूर्व ब्लॉक प्रमुख तथा रुदौली के विधायक रामचंद्र यादव के भाई राम प्रताप यादव को कोर्ट ने उन पर लगाए गए बलात्कार के आरोप से बरी कर दिया। इस मामले में रामचंद्र यादव भी आरोपी थे लेकिन विवेचना में सीबीसीआईडी ने उन को क्लीन चिट दे दी थी। यह फैसला विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट राधेश्याम यादव की अदालत से हुआ।
अधिवक्ता दिनेश तिवारी व अमित तिवारी ने बताया कि मामले की रिपोर्ट विधायक रामचंद्र यादव के गांव की रहने वाली एक दलित महिला ने लिखाई थी। उसने आरोप लगाया था कि राम प्रताप यादव का उससे बचपन से ही संबंध था। उन्होंने उसके साथ शादी करने का वादा किया था लेकिन शादी नहीं की और उसके साथ लगातार दुष्कर्म करते रहे। इसके चलते महिला को उसके घरवालों ने घर से 2007 में निकाल दिया था।
9 जुलाई 2008 को राम प्रताप यादव किसी दूसरी महिला से शादी करने जा रहे थे। यह महिला शादी को रोकने पहुंची तो उसे मारा पीटा गया और लखनऊ में विधायक रामचंद्र यादव ने अपने आदमियों से उसको पिटवाया भी और रामप्रताप ने उसके साथ दुष्कर्म भी किया। इसकी शुरुआती विवेचना क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर ने की थी। इसके बाद विवेचना सीबीसीआईडी को स्थानांतरित कर दी गई।
सीबीसीआईडी ने विवेचना के बाद मामले से विधायक रामचंद्र यादव को क्लीन चिट दे दी तथा राम प्रताप यादव के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने राम प्रताप यादव को भी उनके ऊपर लगाए गए आरोप से दोषमुक्त कर दिया।

अयोध्या। अमानीगंज के पूर्व ब्लॉक प्रमुख तथा रुदौली के विधायक रामचंद्र यादव के भाई राम प्रताप यादव को कोर्ट ने उन पर लगाए गए बलात्कार के आरोप से बरी कर दिया। इस मामले में रामचंद्र यादव भी आरोपी थे लेकिन विवेचना में सीबीसीआईडी ने उन को क्लीन चिट दे दी थी। यह फैसला विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट राधेश्याम यादव की अदालत से हुआ।

अधिवक्ता दिनेश तिवारी व अमित तिवारी ने बताया कि मामले की रिपोर्ट विधायक रामचंद्र यादव के गांव की रहने वाली एक दलित महिला ने लिखाई थी। उसने आरोप लगाया था कि राम प्रताप यादव का उससे बचपन से ही संबंध था। उन्होंने उसके साथ शादी करने का वादा किया था लेकिन शादी नहीं की और उसके साथ लगातार दुष्कर्म करते रहे। इसके चलते महिला को उसके घरवालों ने घर से 2007 में निकाल दिया था।

9 जुलाई 2008 को राम प्रताप यादव किसी दूसरी महिला से शादी करने जा रहे थे। यह महिला शादी को रोकने पहुंची तो उसे मारा पीटा गया और लखनऊ में विधायक रामचंद्र यादव ने अपने आदमियों से उसको पिटवाया भी और रामप्रताप ने उसके साथ दुष्कर्म भी किया। इसकी शुरुआती विवेचना क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर ने की थी। इसके बाद विवेचना सीबीसीआईडी को स्थानांतरित कर दी गई।

सीबीसीआईडी ने विवेचना के बाद मामले से विधायक रामचंद्र यादव को क्लीन चिट दे दी तथा राम प्रताप यादव के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने राम प्रताप यादव को भी उनके ऊपर लगाए गए आरोप से दोषमुक्त कर दिया।





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