उत्तर प्रदेश जालौन

सरकारी अस्पताल में जोरों पर लिखी जा रही हैं बाहर की दवायें

उरई (जालौन)।(गोविंद सिंह दाऊ):- भीषण गर्मी को देखते हुए, बीमारियों का सिलसिला बढ़ता जा रहा हैं। जहाँ समुदाय स्वास्थ्य केन्द्र रामपुरा में ओपीडी 150 मरीजो के लगभग चलती थी। आज वो 200 के पार पहुंच चुकी हैं। ऐसे में ओपीडी में मरीजों को देखने वाले डॉ हरिशरण प्रजापति अधिकांश दवाई बाहर की लिखते है, जो सरकारी पर्चे पर न लिखकर एक कागज पर लिखकर मरीजो के हाथ मे थमा देते है। जो दवाइयां बाहर मेडिकलो की लिखी जाती हैं वो कम से कम 250 से 300 रु के बीच की होती हैं। मजबूरन मरीजो को अपनी सेहत को दुरुस्त करने के लिए ये महँगी दवाओं को खरीदना पड़ता हैं।
विकास खण्ड रामपुरा में 44 ग्राम सभाओं में लगभग 80 गाँव आते हैं। बीहड़ क्षेत्र होने के कारण अधिकांश जनता मजदूरी कर अपना जीवन यापन करती हैं। बीमारी से निजात पाने के लिये समुदाय स्वास्थ्य केन्द्र रामपुरा आती हैं। बहुत से मरीज बाहर की दवा पैसे न होने के कारण नही ले पाते। ऐसे ही आज सोमवती पत्नी ब्रजेन्द्र व उनकी पुत्री अनामिका निवासी डिकौली जागीर बुखार की दवा लेने अस्पताल आये जिस पर डॉ हरिशरण प्रजापति द्वारा अस्पताल की दवा के साथ साथ बाहर की दवा भी लिख दी। जब मरीज मेडिकल पर दवा लेने पहुँचा तो दवा के रुपये जानकर हैरान रह गया। जो बाहर की दवा थी वो अत्यंत महँगी थी। रुपये न होने के कारण बिना दवा लिये मरीज वापस घर चला गया।

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