इमारत में लगी आग व पहुंचे दमकलकर्मी।

इमारत में लगी आग व पहुंचे दमकलकर्मी।
– फोटो : amar ujala

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लखनऊ में हजरतगंज स्थित प्रिंस कॉम्प्लेक्स में बृहस्पतिवार सुबह पहली मंजिल पर बने आरओ के ऑफिस वेल स्टार एडवांस में अचानक आग लग गई। लोगों ने इस पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन फायर उपकरण खराब पड़े थे। इस बीच लपटें तीसरी मंजिल तक पहुंच गईं। चौथी मंजिल पर कॉल सेंटर व कोचिंग में धुआं भरने से सांस लेने में दिक्कत होने लगी। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने आगे में फंसे 80 लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल निकाला। दस दमकल की मदद से ढाई घंटे में लपटों पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक छह दुकानें जल चुकी थीं। 

ऑफिस के मालिक अमन ने बताया कि काम करने वाले बीनू ने सुबह दफ्तर खोला तो आग लगने की जानकारी हुई। इसकी सूचना पिता चंद्रमल प्रसाद को दी। इस बीच लपटें तीसरी मंजिल तक पहुंच गईं। चौथी मंजिल पर कॉल सेंटर व कोचिंग में धुआं भरने लगा। लिफ्टमैन राम नरेश ने बताया कि किसी तरह दरवाजा खोलकर लोग छत की तरफ भाग। तब जाकर राहत की सांस ली। इस बीच दमकलकर्मियों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। 

हजरतगंज एफएसओ राम कुमार रावत के मुताबिक, कॉम्प्लेक्स मालिक के पास फायर एनओसी नहीं है। इसे लेकर नोटिस जारी करने के बावजूद लापरवाही बरती गई। एडीसीपी मध्य राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, अग्निशमन विभाग हादसा स्थल की जांच कर जो रिपोर्ट देगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आग लगने का कारण पता लगाया जा रहा है।

तार के मकड़जाल ने रोका दमकल का रास्ता  
हजरतगंज के प्रिंस कॉम्प्लेक्स में बृहस्पतिवार सुबह लगी आग पर काबू पाने में दमकल को ढाई घंटे लग गए। राहत कार्य पूरा होने में इतना वक्त लगने का एक कारण इलाके में फैला बिजली के तार का मकड़जाल भी है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार हादसे की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचने लगी थीं, लेकिन तार के मकड़जाल से इन्हें बचाव कार्य में परेशानी हुई। जेसीपी पीयूष मोर्डिया ने दुकानदारों से बिजली के तार हटवाने के लिए कहा है।

कॉम्प्लेक्स में काम करने वाले गोलागंज निवासी शिवा का कहना है कि तार का जाल न होता तो दमकल को अपना काम करने में आसानी होती। उधर, घटना की सूचना पर डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक, एडीसीपी राजेश कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। साथ ही एसडीआरएफ को भी सूचना दे दी गई थी। 

आधे घंटे बाद दोबारा उठीं लपटें
आग बुझाने के बाद दमकल की गाड़ियां लौट गईं। हालांकि, इसके आधे घंटे बाद घटनास्थल से दोबारा लपटें उठने की सूचना मिली। इस पर आननफानन दमकल की गाड़ी फिर पहुंची और आग पर काबू पाया। जानकारी अनुसार कॉम्प्लेक्स में दो कोचिंग, 12 ऑफिस व 100 से ज्यादा दुकानें हैं। ये सभी दुकानें लोगों ने खरीद रखी हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर इंतजाम नहीं किए गए हैं, जबकि कॉम्प्लेक्स में हर समय दो से ढाई सौ लोग मौजूद रहते हैं। 

चौक की दो दुकानों में आग, छज्जा गिरा 
चौक के नादान महल रोड स्थित होलसेल की दो दुकानों में बृहस्पतिवार को आग लग गई। चार घंटे में इस पर काबू पाया गया। दुकानों में लाखों का माल था और बीमा भी नहीं था। दुकान मालिकों ने नुकसान के बारे में बताने से इनकार कर दिया है। एफएसओ चौक शेष नाथ यादव के मुताबिक, मुन्नालाल कोठी के बेसमेंट में महानगर के संजीव रस्तोगी की स्कूल ड्रेस की होलसेल दुकान है। बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बंदी थी। देर शाम अचानक दुकान में आग लग गई। पड़ोस में टेंट कारोबारी ने दीवार गरम होने पर बाहर जाकर देखा तो लपटें उठ रही थीं। दमकल कर्मचारी इस पर काबू पा ही रहे थे कि लपटों ने बगल में भाई मनोज रस्तोगी के चिकन वस्त्रालय को भी चपेट में ले लिया। आग से दुकान का छज्जा ढह गया। कड़ी मशक्कत के बाद 10 दमकल ने आग पर काबू पाया।
 

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लखनऊ में हजरतगंज स्थित प्रिंस कॉम्प्लेक्स में बृहस्पतिवार सुबह पहली मंजिल पर बने आरओ के ऑफिस वेल स्टार एडवांस में अचानक आग लग गई। लोगों ने इस पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन फायर उपकरण खराब पड़े थे। इस बीच लपटें तीसरी मंजिल तक पहुंच गईं। चौथी मंजिल पर कॉल सेंटर व कोचिंग में धुआं भरने से सांस लेने में दिक्कत होने लगी। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने आगे में फंसे 80 लोगों को कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल निकाला। दस दमकल की मदद से ढाई घंटे में लपटों पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक छह दुकानें जल चुकी थीं। 

ऑफिस के मालिक अमन ने बताया कि काम करने वाले बीनू ने सुबह दफ्तर खोला तो आग लगने की जानकारी हुई। इसकी सूचना पिता चंद्रमल प्रसाद को दी। इस बीच लपटें तीसरी मंजिल तक पहुंच गईं। चौथी मंजिल पर कॉल सेंटर व कोचिंग में धुआं भरने लगा। लिफ्टमैन राम नरेश ने बताया कि किसी तरह दरवाजा खोलकर लोग छत की तरफ भाग। तब जाकर राहत की सांस ली। इस बीच दमकलकर्मियों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया था। 

हजरतगंज एफएसओ राम कुमार रावत के मुताबिक, कॉम्प्लेक्स मालिक के पास फायर एनओसी नहीं है। इसे लेकर नोटिस जारी करने के बावजूद लापरवाही बरती गई। एडीसीपी मध्य राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, अग्निशमन विभाग हादसा स्थल की जांच कर जो रिपोर्ट देगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आग लगने का कारण पता लगाया जा रहा है।

तार के मकड़जाल ने रोका दमकल का रास्ता  

हजरतगंज के प्रिंस कॉम्प्लेक्स में बृहस्पतिवार सुबह लगी आग पर काबू पाने में दमकल को ढाई घंटे लग गए। राहत कार्य पूरा होने में इतना वक्त लगने का एक कारण इलाके में फैला बिजली के तार का मकड़जाल भी है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार हादसे की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचने लगी थीं, लेकिन तार के मकड़जाल से इन्हें बचाव कार्य में परेशानी हुई। जेसीपी पीयूष मोर्डिया ने दुकानदारों से बिजली के तार हटवाने के लिए कहा है।

कॉम्प्लेक्स में काम करने वाले गोलागंज निवासी शिवा का कहना है कि तार का जाल न होता तो दमकल को अपना काम करने में आसानी होती। उधर, घटना की सूचना पर डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक, एडीसीपी राजेश कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। साथ ही एसडीआरएफ को भी सूचना दे दी गई थी। 

आधे घंटे बाद दोबारा उठीं लपटें

आग बुझाने के बाद दमकल की गाड़ियां लौट गईं। हालांकि, इसके आधे घंटे बाद घटनास्थल से दोबारा लपटें उठने की सूचना मिली। इस पर आननफानन दमकल की गाड़ी फिर पहुंची और आग पर काबू पाया। जानकारी अनुसार कॉम्प्लेक्स में दो कोचिंग, 12 ऑफिस व 100 से ज्यादा दुकानें हैं। ये सभी दुकानें लोगों ने खरीद रखी हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर इंतजाम नहीं किए गए हैं, जबकि कॉम्प्लेक्स में हर समय दो से ढाई सौ लोग मौजूद रहते हैं। 

चौक की दो दुकानों में आग, छज्जा गिरा 

चौक के नादान महल रोड स्थित होलसेल की दो दुकानों में बृहस्पतिवार को आग लग गई। चार घंटे में इस पर काबू पाया गया। दुकानों में लाखों का माल था और बीमा भी नहीं था। दुकान मालिकों ने नुकसान के बारे में बताने से इनकार कर दिया है। एफएसओ चौक शेष नाथ यादव के मुताबिक, मुन्नालाल कोठी के बेसमेंट में महानगर के संजीव रस्तोगी की स्कूल ड्रेस की होलसेल दुकान है। बृहस्पतिवार को साप्ताहिक बंदी थी। देर शाम अचानक दुकान में आग लग गई। पड़ोस में टेंट कारोबारी ने दीवार गरम होने पर बाहर जाकर देखा तो लपटें उठ रही थीं। दमकल कर्मचारी इस पर काबू पा ही रहे थे कि लपटों ने बगल में भाई मनोज रस्तोगी के चिकन वस्त्रालय को भी चपेट में ले लिया। आग से दुकान का छज्जा ढह गया। कड़ी मशक्कत के बाद 10 दमकल ने आग पर काबू पाया।

 





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