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महेवा। गोशालाओं में भूसे की व्यवस्था न होने से गोवंशों को भूखे पेट रहना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान और ठेकेदार आपसी तनातनी के चलते गोवंश चारे के लिए तरस रहे हैं। ब्लॉक की 59 ग्राम पंचायतों में अभी तक एक भी गोशाला में भूसे की सप्लाई नहीं हो पाई है। जिसके चलते गोवंश पानी पी कर अपना जीवन काट रहे हैं।
कई ग्राम पंचायतों में गोवंश भूख के कारण जान भी गवां चुके हैं। गोशालाओं में भूसा घर खाली पड़े हैं। सप्लाई करने वाले ठेकेदार द्वारा भूसा नहीं डाला जा रहा है। रिनिया बैदेपुर के ग्राम प्रधान नन्हे सिंह, हिम्मतपुर प्रधान चेतराम, चूर्खी प्रधान तुलसीराम आदि ने बताया कि भूसा सप्लाई करने वाली फर्म के संचालक की मनमानी के चलते यह स्थिति हुई है।
जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि भूसा सप्लाई करने वाली फर्म के संचालक की ओर से लगातार मनमानी की जा रही है। गैर जनपद की फर्म होने के वजह से संचालक से बात नहीं हो पा रही है इसलिए गोशाला में भूसा गोदाम खाली हैं।

महेवा। गोशालाओं में भूसे की व्यवस्था न होने से गोवंशों को भूखे पेट रहना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान और ठेकेदार आपसी तनातनी के चलते गोवंश चारे के लिए तरस रहे हैं। ब्लॉक की 59 ग्राम पंचायतों में अभी तक एक भी गोशाला में भूसे की सप्लाई नहीं हो पाई है। जिसके चलते गोवंश पानी पी कर अपना जीवन काट रहे हैं।

कई ग्राम पंचायतों में गोवंश भूख के कारण जान भी गवां चुके हैं। गोशालाओं में भूसा घर खाली पड़े हैं। सप्लाई करने वाले ठेकेदार द्वारा भूसा नहीं डाला जा रहा है। रिनिया बैदेपुर के ग्राम प्रधान नन्हे सिंह, हिम्मतपुर प्रधान चेतराम, चूर्खी प्रधान तुलसीराम आदि ने बताया कि भूसा सप्लाई करने वाली फर्म के संचालक की मनमानी के चलते यह स्थिति हुई है।

जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि भूसा सप्लाई करने वाली फर्म के संचालक की ओर से लगातार मनमानी की जा रही है। गैर जनपद की फर्म होने के वजह से संचालक से बात नहीं हो पा रही है इसलिए गोशाला में भूसा गोदाम खाली हैं।





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